आइटम सॉन्ग्स पर मलाइका अरोड़ा का नया नज़रिया
मुंबई । डेस्क: बॉलीवुड की 'डांसिंग डीवा' मलाइका अरोड़ा ने अपने आइकॉनिक डांस नंबर्स ('छैया छैया', 'मुन्नी बदनाम हुई') को लेकर अपनी राय ज़ाहिर की है. उन्होंने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया कि उनके करियर के शुरुआती दिनों से लेकर अब तक, बॉलीवुड में जिन्हें कभी 'आइटम सॉन्ग्स' कहा जाता था, उनका स्वरूप काफी बदल गया है.
मलाइका का मानना है कि इन गीतों के आसपास की दुनिया विकसित हुई है और इनमें महिलाओं को पेश करने का तरीका भी बदला है.
उन्होंने कहा, "पहले, ये गाने ज़्यादातर ग्लैमर और तमाशे के बारे में होते थे, जो अक्सर महिला की व्यक्तिगत पहचान से अलग थे. आज, फिल्ममेकर ज़्यादा जागरूक हैं. वे इन गानों में चरित्र और संदर्भ लाते हैं. अब यह उत्तेजना के बजाय परफॉर्मेंस और उपस्थिति के बारे में है. मैं इसे एक ऐसे विकास के रूप में देखती हूँ जहाँ महिलाएँ अपनी जगह खुद बना सकती हैं.
मलाइका ने इस बात को स्वीकार किया कि 'आइटम सॉन्ग्स' को अक्सर 'मेल गेज़' (पुरुषों की नज़र) से जोड़ा जाता रहा है. हालांकि, उन्होंने कहा, "मैंने हमेशा उन्हें अलग तरह से देखा है. मेरे लिए, डांस आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति है. जब तक मैं सहज और नियंत्रण में महसूस करती हूँ, वही सबसे अहम है. यह कला का जश्न मनाने और मज़े लेने के बारे में है, न कि लेबल्स (टैग) पर ज़्यादा सोचने के."
51 साल की उम्र में भी 'थम्मा' फिल्म के अपने नवीनतम ट्रैक 'पॉइज़न बेबी' से धूम मचाने वाली मलाइका ने कहा कि डांस नंबर्स में वापसी उनके लिए "अपनी पहचान के एक हिस्से को गले लगाने" जैसा है. उन्होंने ज़ोर देकर कहा, "यह अपनी यात्रा का जश्न मनाने और यह दिखाने के बारे में है कि आप किसी भी उम्र में प्रासंगिक और भावुक रह सकते हैं. यह साबित करना है कि उम्र आपकी प्रदर्शन करने या प्रेरित करने की क्षमता को परिभाषित नहीं करती."