अमेरिका की ईरान पर बड़ी सैन्य कार्रवाई, बढ़ा तनाव
नई दिल्ली । डेस्क: ओमान के समुद्री क्षेत्र में तीन वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इन हमलों के लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराते हुए उसके ठिकानों पर सिलसिलेवार और शक्तिशाली हवाई हमले किए हैं.
अमेरिकी सेना का कहना है कि इस जवाबी कार्रवाई का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में निर्दोष नागरिकों और व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाने के लिए तेहरान को "भारी कीमत" चुकाने का संदेश देना है.
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले तीन व्यापारिक जहाजों पर हुए मिसाइल या ड्रोन हमलों के जवाब में की गई है, जिसे संघर्ष विराम का खुला उल्लंघन माना गया है.
दूसरी ओर, अमेरिकी हमलों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए ईरान ने कहा है कि वह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए जो भी जरूरी होगा, वह कदम उठाएगा. इसके साथ ही तेहरान ने वाशिंगटन पर दोनों देशों के बीच हुए 'इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन' को तोड़ने का भी आरोप लगाया है.
यह सैन्य टकराव ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका ने दोनों देशों के बीच जारी लड़ाई को रोकने के लिए हुए अंतरिम समझौते के तहत ईरान को तेल बेचने की दी गई 60 दिनों की विशेष छूट को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है.
जहाजों पर हुए हमलों के कुछ ही घंटों के भीतर अमेरिका ने यह सख्त आर्थिक कदम उठाया.
संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के अनुसार, ईंधन परिवहन के इस बेहद संवेदनशील जलमार्ग में अप्रैल के बाद से यह एक दिन में हुआ सबसे बड़ा हमला है. इस ताजा तनाव ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि इससे इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में यातायात ठप होने का खतरा पैदा हो गया है, जिससे दुनिया भर में व्यापारिक आपूर्ति प्रभावित हो सकती है.