बेबी बने सीपीएम के महासचिव
नई दिल्ली | डेस्क: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी सीपीआईएम ने केरल के नेता एम.ए. बेबी को पार्टी का नया महासचिव चुना है. पिछले साल पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी के निधन के बाद से यह पद खाली था.
एम.ए. बेबी केरल इकाई से हैं जो ईएमएस के बाद सीपीएम महासचिव के पद तक पहुंचे.
2 अप्रैल से शुरू हुए सीपीआईएम के 24वें सम्मेलन में केंद्रीय समिति का चुनाव किया गया. 85 सदस्यीय केंद्रीय समिति में एक स्थान ख़ाली है. यानी इसमें फ़िलहाल 84 लोगों के नाम हैं. पार्टी ने कहा है कि केंद्रीय समिति की 20 फ़ीसदी सदस्य महिलाएँ हैं.
नव निर्वाचित केंद्रीय समिति ने 18 सदस्यों के पोलित ब्यूरो का चुनाव किया.
पोलित ब्यूरो के सदस्य हैं: 1. पिनाराई विजयन, 2. बी वी राघवुलु, 3. एम ए बेबी, 4. तपन सेन, 5. नीलोत्पल बसु, 6. मोहम्मद सलीम, 7. ए विजयराघवन, 8. अशोक धावले, 9. रामचंद्र डोम, 10. एम वी गोविंदन, 11. अमरा राम, 12. विजू कृष्णन, 13. मरियम धावले, 14. यू. वासुकी, 15. के. बालाकृष्णन, 16. जीतेंद्र चौधरी, 17. श्रीदीप भट्टाचार्य और 18. अरुण कुमार.
त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार, सीपीएम के राष्ट्रीय समन्वयक प्रकाश करात, वृंदा करात, सुभाषिनी अली, एस. रामचंद्रन पिल्लई, बिमान बसु और हनान मोल्ला को केंद्रीय समिति में विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया गया है.
पार्टी सूत्रों ने बताया कि पार्टी समन्वयक प्रकाश करात ने महासचिव पद के लिए बेबी के नाम की सिफारिश की थी. बंगाल से सूर्यकांत मिश्रा, नीलोपाल बसु, मोहम्मद सलीम, रामचंद्र डोम और महाराष्ट्र से अशोक धावले सहित अन्य सदस्यों ने बेबी की महासचिव के रूप में नियुक्ति का विरोध किया. लेकिन बंगाल गुट, जो बेबी के पोलित ब्यूरो में आगमन का विरोध कर रहा था, केन्द्रीय समिति में पराजित हो गया.