पत्रकार रवि नायर को एक साल जेल की सजा
गांधीनगर । डेस्क: गुजरात के गांधीनगर स्थित मानसा की एक मजिस्ट्रेट अदालत ने स्वतंत्र पत्रकार रवि नायर को आपराधिक मानहानि के एक मामले में दोषी करार देते हुए एक साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही अदालत ने उन पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है. यह मामला अडानी समूह की प्रमुख कंपनी 'अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड' द्वारा दायर किया गया था.
अडानी एंटरप्राइजेज ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि रवि नायर ने साल 2020 और 2021 के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और अन्य डिजिटल माध्यमों पर कंपनी के खिलाफ कई अपमानजनक और झूठे ट्वीट किए थे.
कंपनी का तर्क था कि ये पोस्ट केवल आलोचना नहीं थे, बल्कि जानबूझकर निवेशकों और जनता के बीच समूह की साख को नुकसान पहुँचाने के लिए किए गए थे. अदालत ने सुनवाई के बाद पाया कि नायर के ट्वीट्स ने उचित आलोचना की सीमा को पार किया और कंपनी की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाई.
गौरतलब है कि रवि नायर एक अनुभवी स्वतंत्र खोजी पत्रकार हैं, जो मुख्य रूप से कॉर्पोरेट जगत और सरकारी नीतियों पर अपनी रिपोर्ट्स के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने राफेल रक्षा सौदे, चुनावी बॉन्ड और अडानी समूह के व्यावसायिक तौर-तरीकों पर कई विस्तृत खोजी खबरें लिखी हैं.
उनके लेख 'द वायर', 'न्यूज़क्लिक', और अंतरराष्ट्रीय संगठन 'OCCRP' (ऑर्गनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट) जैसी वेबसाइटों पर प्रकाशित होते रहे हैं.
वे 'The Rafale Deal: Flying Lies?' नामक पुस्तक के लेखक भी हैं, जिसमें उन्होंने रक्षा सौदे की प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए थे. पत्रकारिता के साथ-साथ वे मानवाधिकारों और लोकतांत्रिक अधिकारों के संरक्षण के लिए भी सक्रिय रहे हैं.