झारखंड: JSSC-CGL परीक्षा धांधली को लेकर छात्रों का विधानसभा मार्च
रांची । डेस्क: झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली को लेकर परीक्षार्थियों का गुस्सा फूट पड़ा है. पूर्व घोषणा के अनुसार, सोमवार को बड़ी संख्या में छात्रों ने रांची में 'विधानसभा मार्च' निकाला. हाथों में बैनर-पोस्टर लिए और नारेबाजी करते हुए छात्र नए विधानसभा भवन की ओर बढ़ने लगे.
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो, जो बीते आठ दिनों से भूख हड़ताल पर हैं, एंबुलेंस में सवार होकर इस मार्च में शामिल हुए.
विधानसभा भवन से करीब तीन किलोमीटर पहले जगन्नाथ मंदिर के पास पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर जुलूस को रोकने का प्रयास किया. प्रदर्शनकारी छात्र बैरिकेड्स पर चढ़ गए और उन्हें तोड़कर आगे बढ़ने लगे. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को जलपोत (वॉटर कैनन) का प्रयोग करना पड़ा.
इसके बावजूद छात्र मांगों पर अड़े रहे और वहीं धरने पर बैठ गए. आंदोलनकारियों की मुख्य मांग है कि JSSC-CGL परीक्षा में हुई गड़बड़ियों की जांच सीबीआई (CBI) से कराई जाए और संपूर्ण चयन प्रक्रिया में पारदर्शी सुधार लागू किए जाएं. सरकार के साथ हुई तीन दौर की वार्ता बेनतीजा रहने के बाद छात्रों ने यह कदम उठाया.
दूसरी ओर, इस मुद्दे पर सियासत भी गरमा गई है. छात्रों के समर्थन में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी तथा आदित्य साहू सहित कई कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास के बाहर धरना दिया, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया.
सत्तारूढ़ दल के मंत्रियों का कहना है कि सरकार छात्रों की अधिकांश मांगों को मान चुकी है और सुधारों पर काम कर रही है, लेकिन परीक्षा रद्द करने का मामला कोर्ट के निर्देशों से जुड़ा है. वहीं, सरकार ने भाजपा पर छात्रों के आंदोलन को भड़काने और गुमराह करने का आरोप लगाया है.