ईरान ने अमेरिका के खिलाफ 'वित्तीय युद्ध' को बताया मुख्य मोर्चा
तेहरान । डेस्क: ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर कलीबाफ ने कहा है कि अमेरिका से मुकाबला करने के लिए अब असली जंग मैदान में नहीं, बल्कि 'खजाने' यानी पैसों के बाजार में लड़ी जा रही है. उन्होंने अमेरिका की आर्थिक स्थिति पर निशाना साधते हुए कहा कि वॉशिंगटन अपनी डूबती अर्थव्यवस्था और संपत्तियों को बचाने के लिए हाथ-पैर मार रहा है.
इसे एक आसान उदाहरण से समझें तो, जैसे जब किसी बैंक की हालत खराब होती है और लोग डर के मारे अपना पैसा निकालने के लिए लाइन लगा लेते हैं, तो बैंक पैसा निकालने पर कुछ पाबंदियां लगा देता है ताकि वह पूरी तरह कंगाल न हो जाए.
कलीबाफ का दावा है कि अमेरिका भी आजकल कुछ ऐसा ही कर रहा है ताकि बड़े निवेशक अपने डॉलर और निवेश एक साथ बाहर न निकाल सकें.
यह पूरा विवाद तब और गहरा गया है जब फरवरी में शुरू हुए तनाव के बाद ईरान ने 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' को बंद कर दिया है. इसे आप दुनिया की मुख्य सड़क पर लगे जाम की तरह समझ सकते हैं, जिससे पूरी दुनिया में सामान और तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं.
कलीबाफ ने चेतावनी दी है कि अमेरिका के वित्तीय हालात नाजुक हैं और निवेशकों को वहां अपना पैसा लगाने में सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि आने वाले समय में उन्हें अपना ही पैसा निकालने में मुश्किल आ सकती है. सरल शब्दों में कहें तो ईरान अब अमेरिका को आर्थिक रूप से कमजोर करने की रणनीति पर काम कर रहा है.