ईरान में बढ़ती महंगाई के खिलाफ हिंसक झड़पों में 35 की मौत
तेहरान । डेस्क: तेहरान, ईरान ईरान में चरमराती अर्थव्यवस्था और खाद्य पदार्थों की आसमान छूती कीमतों ने देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों को जन्म दे दिया है. मंगलवार रात राजधानी तेहरान सहित दर्जनों शहरों में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए. सुरक्षा बलों द्वारा प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस और बल प्रयोग के बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है.
ताजा रिपोर्टों के अनुसार, ईलाम प्रांत के इमाम खुमैनी अस्पताल में सुरक्षा बलों के घुसने की खबरें हैं, जहाँ वे घायल प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करने की कोशिश कर रहे थे. एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है.
🧵The Iranian security forces’ attack on a hospital in Ilam, where injured protesters are seeking medical care or shelter violates international law and exposes yet again how far the Iranian authorities are willing to go to crush dissent. 1/6 pic.twitter.com/8sCvlHJetg
— Amnesty Iran (@AmnestyIran) January 6, 2026
इससे पहले मलेकशाही में एक सैन्य अड्डे के पास हुई गोलीबारी में कई प्रदर्शनकारी मारे गए. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में सुरक्षा बलों को प्रदर्शनकारियों पर सीधी फायरिंग करते देखा जा सकता है.
तेहरान के ऐतिहासिक ग्रैंड बाजार में व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर हड़ताल कर दी है. प्रदर्शनकारी "गाजा न लेबनान, मेरी जान सिर्फ ईरान के लिए" जैसे नारे लगा रहे हैं, जो सरकार की विदेशी नीतियों के प्रति जन-आक्रोश को दर्शाता है.
प्रदर्शनों की मुख्य वजह बेकाबू महंगाई है. राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के नए बजट के बाद ईरान में खाने के तेल (Cooking Oil) की कीमतें तीन गुना बढ़ गई हैं. ईरानी रियाल डॉलर के मुकाबले 1.47 मिलियन के सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया है, जिससे मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति पूरी तरह खत्म हो गई है.
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों को "उपद्रवी" बताते हुए उन्हें उनकी जगह दिखाने की बात कही है. वहीं, मुख्य न्यायाधीश गुलाम हुसैन मोहसेनी-एजेई ने चेतावनी दी है कि इस बार प्रदर्शनकारियों के प्रति "कोई दया नहीं दिखाई जाएगी."
ईरान के दिग्गज फुटबॉलर अली दाई और प्रसिद्ध गायक हुमायूं शजरियान जैसे दिग्गजों ने भी जनता का समर्थन किया है. अली दाई ने एक वायरल वीडियो में अधिकारियों की संवेदनशीलता पर सवाल उठाते हुए पूछा, "अधिकारी देश की ऐसी हालत देखकर चैन की नींद कैसे सो सकते हैं?"