रवि, 18 अक्टू. 2026

CGKhabar

सिंधु जल समझौता फिलहाल स्थगित रहेगा- भारत

C

CG Khabar

03 जुल. 2026, 06:41 PM 3 मिनट में पढ़ें 2

रणधीर जायसवाल
रणधीर जायसवाल

नई दिल्ली । डेस्क: सिंधु जल समझौते (Indus Water Treaty) को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. हाल ही में पाकिस्तान द्वारा इस मुद्दे पर भारत के खिलाफ सुर चबाने के बाद, नई दिल्ली ने अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है. 


भारत ने साफ कहा है कि वह सिंधु जल समझौते पर अपने मौजूदा रुख में कोई बदलाव नहीं करेगा, जिसका सीधा मतलब है कि यह समझौता फिलहाल स्थगित ही रहेगा.

विज्ञापन


भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस संबंध में भारत की स्थिति को दोहराते हुए कहा कि समझौते पर भारत का रुख अपरिवर्तित है. उन्होंने कड़ा संदेश देते हुए कहा, "पाकिस्तान को सबसे पहले सीमा पार से होने वाले आतंकवाद को पूरी तरह बंद करना होगा."


दरअसल, पहेलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने इस समझौते को लेकर अपनी नीति सख्त कर दी थी. अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी भारत ने पाकिस्तान को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी थी कि 'रक्त और जल (खून और पानी) एक साथ नहीं बह सकते'. 


गौरतलब है कि 19 सितंबर 1960 को विश्व बैंक की मध्यस्थता में दोनों देशों के बीच यह ऐतिहासिक समझौता हुआ था. जब से भारत ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए इसे स्थगित किया है, तब से पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के खिलाफ शिकायतें कर रहा है, हालांकि उसे अब तक कोई कामयाबी नहीं मिली है.


1960 के मूल समझौते के तहत, सिंधु और उसकी सहायक नदियों में से पूर्व की ओर बहने वाली तीन नदियों सतलुज, ब्यास और रावी के पानी पर भारत का पूरा अधिकार है. वहीं, पश्चिम की ओर बहने वाली सिंधु, चिनाब (चंद्रभागा) और झेलम (वितस्ता) के पानी पर पाकिस्तान का अधिकार तय किया गया था. लेकिन आतंकवाद के विरोध में भारत ने इस समझौते को स्थगित कर दिया है.


हाल ही में भारत के जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने संकेत दिए थे कि जून 2028 तक पाकिस्तान की ओर जाने वाले सिंधु के पानी को पूरी तरह से रोका जा सकता है. भारत के इस कड़े रुख से बौखलाए पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारत को युद्ध तक की धमकी दे डाली है.


सिर्फ रक्षा मंत्री ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री मसूदिका मलिक ने भी इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. मलिक ने धमकी भरे लहजे में कहा कि जो कोई भी उनके हिस्से का पानी मांगेगा, वे उसके हाथ काट देंगे. 


उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए दावा किया कि मोदी ने पाकिस्तान में एक बूंद पानी भी न जाने देने की बात कही है. पाकिस्तानी मंत्रियों का कहना है कि वे समझौते के तहत अपने हिस्से का पानी हर हाल में सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं. 


हालांकि, पाकिस्तान की इन तमाम धमकियों और बयानों के बीच भारत ने साफ कर दिया है कि आतंकवाद पर लगाम लगाए बिना पानी के मुद्दे पर कोई ढील नहीं दी जाएगी.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP