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भारतीय एलपीजी टैंकर 'ग्रीन आशा' होरमुज से सुरक्षित निकला

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06 अप्रै. 2026, 03:57 AM 2 मिनट में पढ़ें 1

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नई दिल्ली । डेस्क: ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच जारी भीषण तनाव के बीच भारतीय ध्वज वाला एलपीजी टैंकर 'ग्रीन आशा' रविवार को होर्मुज जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार कर गया है. 15,400 टन एलपीजी लेकर आ रहा यह जहाज भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. 


28 फरवरी को ईरान पर हुए हमलों के बाद से यह मार्ग लगभग बंद है, ऐसे में 'ग्रीन आशा' इस क्षेत्र से सुरक्षित निकलने वाला आठवां भारतीय एलपीजी वाहक बन गया है.

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शिपिंग डेटा के अनुसार, एमओएल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के स्वामित्व वाला यह टैंकर संयुक्त अरब अमीरात के अल राम्स बंदरगाह से रवाना हुआ था और ईरानी तट के करीब से होते हुए अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहा है. 


हालांकि, भारत की चुनौतियां अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं. एक अन्य टैंकर 'जग विक्रम' अभी भी खाड़ी में फंसा हुआ है, जबकि तीन विदेशी ध्वज वाले जहाज, जिनमें कुल 87,000 टन एलपीजी है, सुरक्षित मार्ग की प्रतीक्षा कर रहे हैं.


सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह खाड़ी क्षेत्र में फंसे 17 भारतीय जहाजों और 460 नाविकों की सुरक्षा के लिए डीजी शिपिंग और भारतीय मिशनों के माध्यम से लगातार निगरानी कर रही है. 


राहत की एक और बड़ी खबर ईरान में फंसे 345 भारतीय मछुआरों को लेकर आई है. भारतीय दूतावास के सहयोग से इन मछुआरों को ईरान से आर्मेनिया के रास्ते सुरक्षित चेन्नई पहुंचा दिया गया है. फिलहाल, पेट्रोलियम मंत्रालय स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि देश में रसोई गैस की आपूर्ति बाधित न हो. Symbolic Photo

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP