भारत-अमेरिका समझौते से भारत को घाटा होगा- जयराम रमेश
नई दिल्ली । डेस्क: भारत-अमेरिका के बीच हाल ही में हुए द्विपक्षीय व्यापार समझौते ने देश की सियासत में हलचल तेज कर दी है. इस समझौते को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार पर तीखे हमले किए हैं.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने इस सौदे पर तंज कसते हुए कहा कि इसमें ‘नमस्ते ट्रम्प’ की जीत और ‘हाउडी मोदी’ की हार हुई है. रमेश का दावा है कि इस समझौते की वजह से अब भारत रूस से तेल नहीं खरीद पाएगा, क्योंकि ऐसा करने पर अमेरिका 25 प्रतिशत तक का भारी जुर्माना या टैरिफ लगा सकता है.
उन्होंने यह भी आशंका जताई कि अमेरिका से कृषि उत्पादों के आयात पर ड्यूटी घटने से भारत का व्यापार अधिशेष (Trade Surplus) अब घाटे में बदल सकता है, जो केवल अमेरिकी हितों को बढ़ावा देने वाला कदम है.
वहीं, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है. उन्होंने कहा कि अमेरिका पर भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है, जबकि रूस ने हमेशा भारत का साथ दिया है. सिंह ने आरोप लगाया कि इस समझौते के जरिए भारतीय किसानों के हितों का सौदा किया गया है और भारत कोयले का बड़ा उत्पादक होने के बावजूद अमेरिका से इसे खरीदने की तैयारी में है.
हालांकि, आधिकारिक संयुक्त बयान के अनुसार, भारत कई अमेरिकी औद्योगिक और कृषि उत्पादों पर टैरिफ कम करेगा, जबकि अमेरिका भी भारतीय कपड़ा, चमड़ा और फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों में पारस्परिक टैरिफ दरों में राहत देगा. वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल जल्द ही इस अंतरिम व्यापार समझौते की बारीकियों पर स्थिति स्पष्ट करेंगे.