भारत में जल्द चलेंगी हाईड्रोजन ट्रेन
नई दिल्ली | डेस्क: भारतीय रेलवे ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है. देश की पहली हाइड्रोजन चालित ट्रेन के कोच का सफलतापूर्वक परीक्षण पूरा हो चुका है. चेन्नई के इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में इस ट्रेन का निर्माण और परीक्षण किया गया है.
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने एक्स हैंडल पर इसकी जानकारी साझा करते हुए एक वीडियो भी पोस्ट किया है. यह हाइड्रोजन ट्रेन 1200 हॉर्स पावर की क्षमता वाली होगी, जो पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल है.
यह ट्रेन पेट्रोल या डीजल की बजाय हाइड्रोजन ईंधन पर चलेगी. विश्व में कुछ ही देशों के पास हाइड्रोजन चालित ट्रेनें हैं, और अब भारत भी इस सूची में शामिल होने जा रहा है.
इंटीग्रल कोच फैक्ट्री के अनुसार, इस साल अगस्त के अंत तक यह ट्रेन ट्रैक पर दौड़ने के लिये तैयार होगी. चेन्नई के विल्लिवक्कम में इसका ट्रायल रन जल्द शुरू होगा. यह नॉन-एसी ट्रेन होगी, जिसमें 8 कोच और दोनों सिरों पर दो इंजन होंगे. यह ट्रेन उत्तरी रेलवे के तहत जींद-सोनीपत मार्ग पर सबसे पहले चलेगी.
110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से यह ट्रेन लोकल दूरी को एक्सप्रेस ट्रेन की गति से तय करेगी.
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 2023 में राज्यसभा में बताया था कि भारतीय रेलवे कुल 35 हाइड्रोजन ट्रेनें चलाने की योजना बना रहा है. प्रत्येक ट्रेन की लागत लगभग 80 करोड़ रुपये होगी, और बुनियादी ढांचे सहित कुल खर्च 70,000 करोड़ रुपये के आसपास होग