हॉकी इंडिया की 'ऑरेंज जर्सी', पूर्व कप्तान ने शर्मनाक बताया
नई दिल्ली । डेस्क: भारतीय हॉकी टीम की नई ऑरेंज जर्सी के अनावरण के बाद से एक नया विवाद खड़ा हो गया है. पूर्व कप्तान वीरेन रसकिन्हा ने हॉकी इंडिया के इस फैसले की तीखी आलोचना करते हुए इसे "शर्मनाक" बताया है.
उनका तर्क है कि भारतीय खेल की असली विरासत और पहचान हमेशा से नीला रंग ही रही है. दूसरी ओर, हॉकी इंडिया ने अपने इस कदम का बचाव करते हुए कहा है कि भगवा/नारंगी रंग हमारे राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगे) का हिस्सा है और नीली टर्फ पर नीले रंग की जर्सी की दृश्यता (विजिबिलिटी) में भी समस्या आती है.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अपनी बात रखते हुए वीरेन रसकिन्हा ने लिखा कि हॉकी इंडिया ने भारतीय हॉकी के लिए कई बेहतरीन काम किए हैं, लेकिन यह फैसला समझ से परे है.
उन्होंने अर्जेंटीना की फुटबॉल टीम का उदाहरण देते हुए सवाल उठाया कि क्या अर्जेंटीना कभी अपनी ऐतिहासिक नीली और सफेद स्ट्राइप्स वाली जर्सी को बदलेगा? उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका यह रुख पूरी तरह से खेल की विरासत और पहचान से जुड़ा है और इसमें किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं देखी जानी चाहिए.
फैंस और खेल प्रेमियों के बीच भी इस नई जर्सी को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं.
कई समर्थकों का मानना है कि सभी भारतीय खेल टीमों की पहचान नीले रंग से ही होनी चाहिए, क्योंकि नारंगी रंग मुख्य रूप से नीदरलैंड्स की टीम से जुड़ा है. इससे पहले 2019 विश्व कप के दौरान भारतीय क्रिकेट टीम की नारंगी जर्सी पर भी ऐसा ही विवाद हुआ था. हालांकि, कुछ लोगों ने इस नए डिजाइन, सांस्कृतिक प्रतीकों और तिरंगे की पाइपिंग वाले लुक की सराहना भी की है.