हवाना वार्ता: क्यूबा ने अमेरिका के साथ बातचीत की पुष्टि की
हवाना । डेस्क: क्यूबा सरकार ने हवाना में अमेरिकी अधिकारियों के साथ हाल ही में हुई उच्च स्तरीय वार्ता की पुष्टि की है. क्यूबा के विदेश मंत्रालय में अमेरिकी मामलों के उप महानिदेशक एलेजांद्रो गार्सिया डेल टोरो ने बताया कि इस बैठक में दोनों देशों के वरिष्ठ राजनयिक शामिल थे.
हालांकि, उन्होंने उन मीडिया रिपोर्टों को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि अमेरिका ने किसी भी तरह की धमकी या समय सीमा दी है. गार्सिया ने स्पष्ट किया कि पूरी चर्चा सम्मानजनक और पेशेवर माहौल में हुई.
बातचीत के दौरान क्यूबा ने अमेरिका द्वारा लगाई गई तीन महीने पुरानी तेल नाकाबंदी को खत्म करने को अपनी शीर्ष प्राथमिकता बताया. क्यूबा ने वाशिंगटन पर "ब्लैकमेल" करने का आरोप लगाते हुए कहा कि तेल निर्यातक देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी देना आर्थिक जबरदस्ती है, जिससे क्यूबा की जनता को अनुचित सजा मिल रही है.
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की ओर से रखी गई शर्तों में राजनीतिक कैदियों की रिहाई, राजनीतिक दमन को समाप्त करना और अर्थव्यवस्था का उदारीकरण शामिल है. इसके अलावा, अमेरिका ने स्टारलिंक इंटरनेट सेवाओं की अनुमति और 1959 की क्रांति के दौरान जब्त की गई संपत्तियों के मुआवजे की भी मांग की है.
तनावपूर्ण स्थिति के बीच वैश्विक नेताओं ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है.
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने कहा कि क्यूबा पर अमेरिकी सैन्य हमले का कोई स्पष्ट औचित्य नहीं है.
मेक्सिको, स्पेन और ब्राजील के नेताओं ने भी क्यूबा की स्थिति पर चिंता जताते हुए दोनों देशों के बीच "ईमानदार और सम्मानजनक संवाद" का आग्रह किया है. क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज़-कानेल ने स्पष्ट किया है कि यदि अमेरिका ने अपनी धमकियों को अमल में लाया, तो उनका देश मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार है.