आयकर देने में झारखंड से भी पिछड़ा गुजरात !
झारखंड से भी पिछड़ा गुजरात आयकर देने में !
नई दिल्ली । डेस्क: गुजरात, जिसे अंबानी और अडानी जैसे बड़े उद्योगपतियों का गढ़ और निवेश का केंद्र माना जाता है, वह आयकर संग्रह के मामले में झारखंड जैसे कथित "गरीब" राज्य से भी पीछे है. बाग्ला दैनिक वर्तमान की खबरों के अनुसार 2024-25 के आयकर रिटर्न विश्लेषण से सामने आए आंकड़ों ने इस धारणा को झटका दिया है कि गुजरात देश के सबसे धनी राज्यों में से एक है.
नए वाहन मॉडल लॉन्च होने पर मुंबई के साथ अहमदाबाद में भी उद्घाटन होता है, फिर भी आयकर रिटर्न के आंकड़े गुजरात की इस छवि को चुनौती दे रहे हैं.
आंकड़ों के अनुसार, झारखंड में 20% करदाताओं ने अपनी आय 12 से 50 लाख रुपये के बीच बताई है, जबकि "धनी" गुजरात में यह आंकड़ा केवल 7% है.
इतना ही नहीं, 25 लाख से 50 लाख रुपये की आय वाले करदाताओं की संख्या के मामले में गुजरात शीर्ष दस राज्यों की सूची में भी नहीं है. इस सूची में महाराष्ट्र शीर्ष पर है, जहां 1.37 लाख करदाता इस श्रेणी में हैं.
दूसरे और तीसरे स्थान पर कर्नाटक (1.30 लाख) और तमिलनाडु (78,000) हैं. पश्चिम बंगाल इस सूची में छठे स्थान पर है, जहां 44,000 करदाता 25 लाख से 50 लाख की आय श्रेणी में हैं.
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में सबसे बड़ी करदाता आबादी ने अपनी आय 2.5 लाख से 7.5 लाख रुपये के बीच दिखाई है. मध्यम वर्ग का अधिकांश हिस्सा इसी श्रेणी में आता है. केवल 2.5% करदाताओं की आय 25 लाख रुपये से अधिक है, जो भारत में उच्च-मध्यम वर्ग की सीमित संख्या को दर्शाता है.
इस आंकड़े ने गुजरात में टैक्स चोरी के सवाल खड़े किए हैं. तृणमूल के पूर्व सांसद जाहर सरकार ने तंज कसते हुए कहा, "क्या गुजरात में कोई धनी व्यक्ति नहीं है? कम आय दिखाकर टैक्स कम देना क्या गुजरात मॉडल का हिस्सा है?"
गुजरात मॉडल, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में अपने चुनाव प्रचार का मुख्य आधार बनाया था, अब इन आंकड़ों के कारण सवालों के घेरे में है.
क्या गुजरात में टैक्स चोरी का खेल चल रहा है? यह सवाल अब जोर पकड़ रहा है.