ईरानी नेताओं के रिश्तेदारों के ग्रीन कार्ड रद्द, अमेरिका से निकाले जाएंगे
नई दिल्ली । डेस्क: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और जारी युद्ध के बीच ट्रंप प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाते हुए ईरान के दिवंगत सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की भतीजी और उनके परिवार की स्थायी निवास अनुमति (ग्रीन कार्ड) रद्द कर दी है. अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, कासिम सुलेमानी की भतीजी हमिदेह सुलेमानी अफशार और उनकी बेटी को शुक्रवार रात गिरफ्तार कर लिया गया है.
वर्तमान में दोनों को 'इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट' (ICE) की हिरासत में रखा गया है और उन्हें जल्द ही देश से निर्वासित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
अमेरिकी विदेश विभाग ने अफशार को ईरानी शासन का मुखर समर्थक बताया है. बयान में कहा गया कि अफशार सोशल मीडिया पर लगातार अमेरिका विरोधी टिप्पणियां कर रही थीं और उन्होंने अमेरिका को "महान शैतान" तक कहा था.
विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्होंने स्वयं इन दोनों महिलाओं के कानूनी दर्जे को समाप्त करने का आदेश दिया है.
रुबियो के अनुसार, जो लोग अमेरिकी नागरिकों पर हमलों का जश्न मनाते हैं और ईरान जैसे आतंकवादी शासन का समर्थन करते हैं, उनके लिए अमेरिका में कोई जगह नहीं है. यह कार्रवाई अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ 28 फरवरी से शुरू किए गए युद्ध के पांचवें सप्ताह में हुई है.
दिलचस्प बात यह है कि केवल सुलेमानी का परिवार ही नहीं, बल्कि ईरान के अन्य शीर्ष नेताओं के रिश्तेदारों पर भी गाज गिरी है.
इसी महीने ईरान की 'सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल' के पूर्व प्रमुख अली लारीजानी की बेटी फातिमा अर्देशिर-लारीजानी और उनके पति का ग्रीन कार्ड भी रद्द कर दिया गया था.
फातिमा जॉर्जिया की एमोरी यूनिवर्सिटी में ऑन्कोलॉजी विभाग में कार्यरत थीं, लेकिन भारी सार्वजनिक विरोध और उनके निष्कासन के लिए चलाए गए ऑनलाइन अभियानों के बाद उन्हें सेवा से हटा दिया गया.
अमेरिकी प्रशासन की इस कार्रवाई को रूढ़िवादी कार्यकर्ताओं और राजनीतिक दिग्गजों के दबाव के परिणाम के रूप में देखा जा रहा है.
ट्रंप के करीबी सहयोगियों का तर्क है कि जब ईरान की नीतियां निर्दोष लोगों की जान ले रही हैं, तो उनके परिवार के सदस्य अमेरिका में सुरक्षित और विलासितापूर्ण जीवन नहीं बिता सकते.
हालांकि, इस मामले ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और पारिवारिक संबंधों के आधार पर सजा देने की नैतिकता पर भी नई बहस छेड़ दी है. फिलहाल, अमेरिकी सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी धरती पर ऐसे किसी भी विदेशी नागरिक को बर्दाश्त नहीं करेगी जो अमेरिका विरोधी विचारधारा का पोषण करता हो.