Google ने अवैध सट्टेबाजी मामले में ED के समक्ष गवाही दी
नई दिल्ली । डेस्क: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ मंचों को बढ़ावा देने से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत सोमवार को गूगल के प्रतिनिधियों से पूछताछ की. सूत्रों के अनुसार, ईडी ने गूगल के एक नामित "अनुपालन अधिकारी" का बयान भी धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज करने की योजना बनाई है और कंपनी से कुछ दस्तावेज प्राप्त किये हैं.
इसके अलावा, ईडी ने कुछ अभिनेताओं, मशहूर हस्तियों और खिलाड़ियों को भी इस मामले में तलब किया है, जिनसे जल्द ही पूछताछ होने की संभावना है.
जांच एजेंसी का दावा है कि अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ मंचों ने लोगों को उनकी मेहनत की कमाई से ठगा और कई करोड़ रुपये की कर चोरी व मनी लॉन्ड्रिंग की.
विशेष रूप से, छत्तीसगढ़ से संचालित महादेव ऑनलाइन बुक ऐप सहित देश भर में एक दर्जन से अधिक मामलों की जांच की जा रही है.
हालांकि, मेटा (पूर्व में फेसबुक) के अधिकारियों ने इस मामले में गवाही नहीं दी. ईडी ने गूगल और मेटा के अधिकारियों को पहले 21 जुलाई को बुलाया था, लेकिन समय मांगने पर उनकी गवाही की तारीख बढ़ाकर 28 जुलाई कर दी गई.
गूगल के एक प्रवक्ता ने पिछले सप्ताह एक बयान में कहा, "हम अपने मंच को सुरक्षित रखने और अवैध जुआ विज्ञापनों को रोकने के लिए प्रतिबद्ध हैं. हम जांच एजेंसियों को पूर्ण सहयोग दे रहे हैं ताकि दोषियों को जवाबदेह ठहराया जा सके और उपयोगकर्ता सुरक्षित रहें."
प्रवक्ता ने यह भी बताया कि गूगल की कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और मानव विशेषज्ञता से पिछले साल भारत में 24.74 करोड़ विज्ञापनों को हटाया गया और 29 लाख विज्ञापनदाता खातों को निलंबित किया गया. मेटा की ओर से इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं आई.
ईडी इस बात की जांच कर रही है कि अवैध सट्टेबाजी और जुआ मंचों ने विभिन्न सोशल मीडिया मंचों और ऐप स्टोर पर विज्ञापन कैसे लगाये. यह जांच ऐसे समय में हो रही है जब डिजिटल मंचों पर अवैध गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिये कड़े कदम उठाने की मांग बढ़ रही है.