भारत में निपाह के दो केस के बाद, बेवजह दहशत में नेपाली जनता
काठमांडू । डेस्क: भारत के पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो नए मामले सामने आने के बाद नेपाल में हड़कंप मच गया है. सीमावर्ती क्षेत्रों और राजधानी काठमांडू में आम लोगों के बीच इस कदर दहशत है कि सामान्य सर्दी-जुकाम और इन्फ्लुएंजा जैसे लक्षण दिखने पर भी बड़ी संख्या में लोग जांच के लिए अस्पतालों और स्वास्थ्य निकायों से संपर्क कर रहे हैं.
नेपाल के महामारी विज्ञान और रोग नियंत्रण प्रभाग (EDCD) के अधिकारियों के अनुसार, दर्जनों लोग जो हाल ही में भारत से लौटे हैं, वे मामूली लक्षणों के बावजूद टेस्ट की मांग कर रहे हैं. हालांकि स्वास्थ्य अधिकारियों ने जनता से पैनिक न होने की अपील की है और कहा है कि भारत में इस प्रकोप को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया गया है, लेकिन इसके बावजूद लोगों में डर कम नहीं हो रहा है.
इस बढ़ते तनाव को देखते हुए नेपाल सरकार ने संदिग्ध मामलों के लिए एक अंतरिम परीक्षण गाइडलाइन जारी की है.
नए प्रोटोकॉल के मुताबिक, केवल उन लोगों को संदिग्ध माना जाएगा जिनकी स्थिति तेजी से बिगड़ रही है या जिनमें तेज बुखार के साथ सांस लेने में तकलीफ और कोमा जैसे गंभीर लक्षण हैं.
साथ ही, उनका कोई महामारी संबंधी लिंक होना भी अनिवार्य है, जैसे कि कच्चे खजूर का रस पीना, संक्रमित जानवरों (विशेषकर चमगादड़) के संपर्क में आना या प्रभावित क्षेत्रों की यात्रा करना.
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हर इन्फ्लुएंजा के मरीज को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन पश्चिम बंगाल से जुड़ी खुली सीमा के कारण सतर्कता बढ़ा दी गई है.
इसके बावजूद, स्वास्थ्य कर्मियों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) के इस्तेमाल और संदिग्धों को आइसोलेशन में रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके.