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एलन मस्क की नई पार्टी 'अमरीका पार्टी'

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06 जुल. 2025, 09:28 AM 2 मिनट में पढ़ें 3

ऐलेन मस्क
ऐलेन मस्क

नई दिल्ली । डेस्क: विश्व के सबसे धनी व्यक्तियों में से एक एलन मस्क ने 'अमरीका पार्टी' नामक एक नये राजनीतिक दल की घोषणा की है. जो 2026 के मिड-टर्म चुनावों में हिस्सा लेगी. मस्क का लक्ष्य अमरीकी जनता को "वास्तविक स्वतंत्रता" देना है. लेकिन अमरीका की द्विदलीय व्यवस्था, जहां डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन दल हावी हैं, में तीसरे दल के लिए राह आसान नहीं है.


अमरीका में तीसरे दल का गठन वैध है, लेकिन इसे कई संस्थागत और कानूनी बाधाओं का सामना करना पड़ता है.

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जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय के प्रोफेसर हान्स नोएल के अनुसार, अमरीका में तीसरे दल को सफलता के लिये सीधे जीत हासिल करनी पड़ती है, जो अन्य लोकतंत्रों की तरह आंशिक सफलता पर आधारित नहीं है. मस्क को विभिन्न राज्यों में मतपत्र (बैलट) पर जगह बनाने के लिये हजारों हस्ताक्षर जुटाने होंगे और प्रांतीय व संघीय चुनाव आयोग के नियमों का पालन करना होगा. विशेषज्ञों का मानना है कि मस्क के पास हस्ताक्षर जुटाने की क्षमता तो है, लेकिन जीत की राह कठिन होगी.


अमरीका में तीसरे दल पहले भी उभरे हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर उनकी सफलता सीमित रही है. 1968 में जॉर्ज वालैस, 1992 में रॉस पेरो (19% वोट), और 2000 में राल्फ नाडर ने तीसरे दल के उम्मीदवार के रूप में हिस्सा लिया, लेकिन कोई भी इलेक्टोरल कॉलेज वोट नहीं जीत सका. मस्क की पार्टी को भी ऐसी ही चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है.


मस्क ने अपनी रणनीति की तुलना प्राचीन यूनानी सेनापति एपामिनांडस से की है. वह कांग्रेस में प्रभाव डालने के लिये कुछ प्रमुख सीटों पर ध्यान दे सकते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि मस्क के उम्मीदवार शायद जीत न पायें, लेकिन रिपब्लिकन वोटों को विभाजित कर सकते हैं, खासकर उत्तरी कैरोलिना जैसे राज्यों में. हालांकि, मस्क के समर्थकों में एकता की कमी और उनकी अधीरता एक बड़ी बाधा हो सकती है. 2024 में ट्रंप के समर्थन के बाद मस्क का रिपब्लिकन नेताओं से विवाद भी उनकी राह मुश्किल कर सकता है.


विशेषज्ञों का मानना है कि मस्क के पास धन की कोई कमी नहीं, लेकिन केवल धन से राजनीतिक सफलता नहीं मिलती. उन्हें धैर्य, व्यापक प्रचार, और राजनीतिक गठजोड़ की जरूरत होगी. मस्क अभी भी कुछ रिपब्लिकन नेताओं, जैसे टॉमस मैसी, और गैर-रिपब्लिकन समूहों के साथ जुड़े हैं, लेकिन उन्हें व्यापक समर्थन जुटाना होगा. विशेषज्ञों का कहना है कि यह लंबी और कठिन लड़ाई होगी.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP