डाक मतपत्रों की गिनती की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया
नई दिल्ली । डेस्क: निर्वाचन आयोग ने चुनावी प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, सुव्यवस्थित और कुशल बनाने के लिए डाक मतपत्रों की गिनती की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं. यह कदम आयोग की पिछले छह महीनों में शुरू की गई 29 अन्य पहलों के साथ 30वीं पहल के रूप में सामने आया है. इस सुधार का उद्देश्य देरी को कम करना और मतगणना में स्पष्टता बढ़ाना है.
डाक मतपत्रों की गिनती में सुधार
निर्वाचन आयोग ने डाक मतपत्रों और इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रेषित डाक मतपत्रों (ईटीपीबी) की गिनती की प्रक्रिया को और सुव्यवस्थित करने का निर्णय लिया है. मतगणना के दिन, डाक मतपत्रों की गिनती सुबह 8:00 बजे शुरू होती है, जबकि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की गिनती सुबह 8:30 बजे शुरू होती है. पहले, ईवीएम की गिनती डाक मतपत्रों की गिनती पूरी होने से पहले समाप्त हो सकती थी, जिससे प्रक्रिया में असमानता की संभावना थी.
आयोग ने अब यह सुनिश्चित किया है कि ईवीएम/वीवीपैट की गिनती का अंतिम से पहले वाला (दूसरे अंतिम) दौर डाक मतपत्रों की गिनती पूरी होने के बाद ही शुरू होगा. इससे मतगणना प्रक्रिया में एकरूपता और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी.
डाक मतपत्रों की संख्या में वृद्धि
हाल ही में दिव्यांगजनों और 85 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए घर से मतदान की सुविधा शुरू करने के कारण डाक मतपत्रों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. इस बढ़ोतरी को देखते हुए, आयोग ने रिटर्निंग अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे पर्याप्त संख्या में टेबल और मतगणना कर्मचारियों की व्यवस्था करें ताकि प्रक्रिया में देरी न हो.