डोनाल्ड ट्रंप: US चुनावों से पहले तेल की कीमतें बढ़ाने के लिए हूती कर रहे हमले
वाशिंगटन । डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यमन के हूती विद्रोही समूह पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वे आगामी अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले ऊर्जा (तेल) की कीमतों में बढ़ोतरी करने के उद्देश्य से सऊदी अरब के बुनियादी ढांचों पर हमले तेज कर रहे हैं. ट्रंप का मानना है कि हूती विद्रोहियों की यह हरकत वैश्विक तेल बाजार को प्रभावित करने की एक सोची-समझी साजिश है.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर मंगलवार को पोस्ट करते हुए ट्रंप ने कहा कि हूती विद्रोही काफी समय से शांत थे, लेकिन अब वे फिर से सक्रिय हो गए हैं.
उन्होंने दावा किया कि ये विद्रोही संभवतः ईरान के इशारे पर काम कर रहे हैं. ईरान पर निशाना साधते हुए ट्रंप ने उसे एक "असफल देश" करार दिया, जिसकी अर्थव्यवस्था बेहद खराब स्थिति में है और जहां मुद्रास्फीति की दर 301 प्रतिशत तक पहुंच गई है. उन्होंने हूतियों के इस रुख की कड़ी निंदा करते हुए इसे "बिल्कुल सही नहीं" बताया.
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में जल्द ही मध्यावधि चुनाव होने वाले हैं, जिन्हें ट्रंप के दूसरे कार्यकाल पर एक जनादेश के रूप में देखा जा रहा है.
फरवरी में इजरायल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू करने के बाद से अमेरिका में ऊर्जा की कीमतों में तेज उछाल देखा गया है. इसके चलते वहां आम जनता के जीवन-यापन का खर्च काफी बढ़ गया है, जिसे लेकर मतदाताओं में नाराजगी देखने को मिल रही है.
डेमोक्रेटिक पार्टी इस स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश में है. वे युद्ध और बढ़ती महंगाई से असंतुष्ट मतदाताओं को एकजुट कर प्रतिनिधि सभा (हाऊस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) या सीनेट में से किसी एक या दोनों सदनों पर नियंत्रण हासिल करना चाहते हैं, ताकि ट्रंप के विधायी एजेंडे पर रोक लगाई जा सके.
हालांकि, ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनावों और अपनी लोकप्रियता को लेकर आए उन सर्वेक्षणों को खारिज कर दिया है, जिनमें युद्ध को लेकर जनता की असहमति दिखाई गई थी. उन्होंने ऐसे सर्वेक्षणों को "फर्जी" बताते हुए अपनी रैलियों में उमड़ने वाली भीड़ को अपनी जन-लोकप्रियता का असली प्रमाण बताया है.
इसके साथ ही, ट्रंप ने मध्यावधि चुनावों के बाद मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई बढ़ाने का भी संकेत दिया है. उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि वे हूती हमलों को "कभी नहीं भूलेंगे" और चुनाव खत्म होने के बाद हूतियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाएंगे.