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डोनाल्ड ट्रंप ने NATO को बताया 'पेपर टाइगर'

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10 अप्रै. 2026, 03:00 AM 2 मिनट में पढ़ें 1

डोनाल्ड ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप

वाशिंगटन । डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ हालिया संघर्ष में उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (NATO) की भूमिका पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए इसे एक 'पेपर टाइगर' करार दिया है. नाटो के महासचिव मार्क रुट्टे के साथ व्हाइट हाउस में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद ट्रंप का गुस्सा फूट पड़ा. 


उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर कड़े शब्दों में गठबंधन की आलोचना करते हुए लिखा कि जब अमेरिका को मदद की सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब नाटो कहीं नजर नहीं आया और भविष्य में भी उनसे किसी सहयोग की उम्मीद करना बेकार है. ट्रंप का यह हमला उस समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को अभी महज एक दिन ही बीता है.

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ट्रंप की इस नाराजगी का मुख्य कारण कुछ प्रमुख नाटो सदस्य देशों द्वारा युद्ध के दौरान अमेरिकी सैन्य विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने से मना करना और हॉर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग को खोलने के लिए नौसैनिक मदद न देना है. 


व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने भी राष्ट्रपति के सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि नाटो देशों ने अमेरिकी जनता की पीठ थपथपाने के बजाय उनका साथ छोड़ दिया, जबकि अमेरिका ही उनकी सुरक्षा के लिए सबसे ज्यादा फंड देता है. 


ट्रंप के अनुसार, इस युद्ध ने नाटो की एकजुटता का परीक्षण किया और वह इसमें पूरी तरह विफल रहा. इस कड़वाहट के बीच ट्रंप ने एक बार फिर ग्रीनलैंड को 'कब्जाने' के अपने पुराने विवादित विचार को हवा दे दी है, जिसे उन्होंने "बर्फ का एक बड़ा और कुप्रबंधित टुकड़ा" बताया.


दूसरी तरफ, नाटो प्रमुख मार्क रुट्टे ने स्वीकार किया कि राष्ट्रपति ट्रंप गठबंधन के रवैये से निराश हैं, लेकिन उन्होंने बीच-बचाव करते हुए कहा कि तस्वीर उतनी भी धुंधली नहीं है जितनी पेश की जा रही है. 


रुट्टे के अनुसार, कई यूरोपीय देशों ने रसद और लॉजिस्टिक्स में अमेरिका की सहायता की है. 


हालांकि, कूटनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि ट्रंप नाटो से अमेरिका को पूरी तरह अलग करने या उन देशों से अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने पर विचार कर रहे हैं जिन्होंने ईरान संकट में वाशिंगटन का साथ नहीं दिया. 


यह स्थिति न केवल नाटो की भविष्य की प्रासंगिकता पर सवाल खड़े करती है, बल्कि पश्चिमी देशों के दशकों पुराने सुरक्षा ढांचे में आती दरार को भी स्पष्ट रूप से दर्शाती है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP