धर्मेन्द्र का फिल्मी सफर कठिनाइयों से भरा रहा
मुंबई । डेस्क: बॉलीवुड के धाकड़ हीरो और 'शोले' के वीरू यानी धर्मेंद्र का रविवार को निधन हो गया. 90 वर्षीय दिग्गज अभिनेता कुछ दिनों से सांस की समस्या से जूझ रहे थे. अस्पताल से घर लौटने के बाद भी चिकित्सकों की निगरानी में थे, लेकिन इस बार मौत के मुंह से लौटने का जादू न चल सका. हेमा मालिनी और बेटी ईशा ने सोशल मीडिया पर फेक न्यूज का खंडन किया था, लेकिन जन्मदिन से ठीक पहले दुनिया को अलविदा कह गए.
1935 में लुधियाना के नसराली गांव में जन्मे धर्मेंद्र के पिता स्कूल हेडमास्टर थे, जो पढ़ाई पर जोर देते थे. लेकिन 1948 में 'शहीद' फिल्म में दिलीप कुमार का अभिनय देखकर 13 साल के धर्मेंद्र सिनेमा के दीवाने हो गए. परिवार की आर्थिक तंगी के बीच पढ़ाई पूरी कर रेलवे में 125 रुपये वेतन पर क्लर्क बने, मगर सपनों ने रुकने न दिया. मां के हौसले से 'न्यू टैलेंट अवॉर्ड' जीता और 1950 के दशक में मुंबई पहुंचे.
शुरुआती साल कष्ट भरे रहे भूखे पेट दर-दर भटकना पड़ा. शशि कपूर ने टैक्सी भाड़ा चुकाकर खाना खिलाया, तो मनोज कुमार ने कपड़े और हौसला दिया. 1960 में 'दिल भी तेरा हम भी तेरे' से डेब्यू किया, जो फ्लॉप रही. पांच साल में 20+ फिल्में कीं, लेकिन 1966 की 'फूल और पत्थर' (मीनाकुमारी संग) ने किस्मत खोली.
फिर 'सत्यकाम', 'शोले', 'आंखें', 'कर्तव्य' जैसी हिट्स ने उन्हें 'ही-मैन' बना दिया. 70-80 के दशक में टॉप कमाऊ कलाकार बने. किवदंती है कि एक पीली स्ट्राइप वाली शर्ट ने 1968-70 में 'मेरे हमदम मेरे दोस्त' (शर्मिला संग), 'आया सावन झूम के' (आशा पारेख संग) और 'जीवन मृत्यु' (राखी संग) को सुपरहिट बनाया.
निजी जिंदगी में भी उतार-चढ़ाव रहा है.19 साल की उम्र में 1954 में प्रकाश कौर से शादी, चार संतान (सनी, बॉबी, विजेता, अजीता). 1970 की 'तुम हसीन मैं जवां' सेट पर हेमा मालिनी से प्यार हुआ. बिना तलाक के 1980 में दूसरी शादी की, ईशा-अहना को जन्म दिया. 'शराफत', 'नया जमाना', 'सीता और गीता', 'दोस्त', 'जुगनू', 'जंजीर' जैसी फिल्मों में जोड़ी धमाल मचाई.
बॉलीवुड ने कभी पूरा सम्मान न दिया, 'सत्यकाम' जैसी कला फिल्म के लिए अवॉर्ड न मिला. 1983 में प्रोडक्शन हाउस शुरू किया, 2004 में BJP से बिकानेर सांसद बने, 2012 में पद्मभूषण पाया. संतानें सनी-बॉबी-ईशा ने भी इंडस्ट्री में नाम कमाया, मगर धर्मेंद्र का दावा था देओल परिवार को हमेशा नेगलेक्ट किया जाता है.
शाहरुख, सलमान, अमीषा जैसे सितारे अस्पताल पहुंचे थे. 60 साल के करियर में 300+ फिल्मों से लाखों दिलों पर राज करने वाले 'गढ़वाली गबरसिंह' की विदाई ने बॉलीवुड को शोकमग्न कर दिया. अंतिम संस्कार मुंबई में हुआ.