दिल्ली प्रदूषण: गडकरी ने माना ट्रांसपोर्ट सेक्टर का 40% हाथ
नई दिल्ली । डेस्क: केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली के खतरनाक वायु प्रदूषण को लेकर बड़ी स्वीकारोक्ति दी है. एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्वीकार किया कि दिल्ली के कुल प्रदूषण में लगभग 40 प्रतिशत हिस्सेदारी परिवहन क्षेत्र की है, जिसका मुख्य कारण जीवाश्म ईंधन (पेट्रोल-डीजल) पर भारी निर्भरता है.
गडकरी ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे दिल्ली में मात्र दो दिन रहने पर भी गले में संक्रमण का शिकार हो गए. उन्होंने इस समस्या के समाधान के रूप में वैकल्पिक ईंधन और बायोफ्यूल को अपनाने पर जोर दिया और बताया कि वह खुद 100 प्रतिशत एथेनॉल से चलने वाली कार का उपयोग कर रहे हैं.
दूसरी ओर, दिल्ली हाईकोर्ट ने शहर की जहरीली हवा को देखते हुए 'आपातकालीन स्थिति' करार दिया है.
अदालत ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे एयर प्यूरीफायर पर लगने वाले 18 प्रतिशत GST को हटाने या छूट देने पर विचार करें, ताकि आम जनता को राहत मिल सके.
वहीं, बुधवार को दिल्ली की वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार देखा गया और AQI 'गंभीर' श्रेणी से गिरकर 'बेहद खराब' (336) श्रेणी में दर्ज किया गया, हालांकि शहर के अधिकांश हिस्सों में धुंध और कोहरे का असर बना रहा.