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Dalai Lama: भारत ने कहा धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं

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04 जुल. 2025, 06:02 PM 2 मिनट में पढ़ें 5

Dalai Lama
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नई दिल्ली । डेस्क: 15वें दलाई लामा के नामांकन को लेकर चीन और 14वें दलाई लामा के बीच चल रही तनातनी के बीच भारत सरकार ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को कहा कि भारत किसी के धार्मिक विश्वास या आचरण पर टिप्पणी नहीं करता और न ही इस तरह के मामलों में कोई पक्ष लेता है.


पिछले बुधवार को 14वें दलाई लामा ने अपने उत्तराधिकारी के नामांकन को लेकर एक बयान जारी किया था. उन्होंने कहा कि अगले दलाई लामा का चयन गाहदेन फोड्रांग ट्रस्ट की जिम्मेदारी होगी और इस प्रक्रिया में किसी बाहरी हस्तक्षेप की अनुमति नहीं दी जाएगी. 

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इसके जवाब में चीन ने तुरंत अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि बिना उसकी मंजूरी के दलाई लामा का नामांकन संभव नहीं होगा.


इस विवाद पर भारत की प्रतिक्रिया देते हुए रणधीर जायसवाल ने कहा, “हमने दलाई लामा के संस्थान की निरंतरता के बारे में उनके बयान को देखा है. भारत सरकार धार्मिक मामलों में शामिल नहीं होती. हम सभी की धार्मिक स्वतंत्रता को बनाये रखने के लिये प्रतिबद्ध हैं.”


वहीं, गुरुवार को केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था कि उत्तराधिकारी का चयन प्रचलित नियमों और वर्तमान दलाई लामा की इच्छा के अनुसार ही होगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि अगला दलाई लामा कौन होगा, यह तय करने का अधिकार किसी और को नहीं है.


चीन ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी. शुक्रवार को चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि भारत को 14वें दलाई लामा के चीन-विरोधी और अलगाववादी रवैये के बारे में स्पष्ट होना चाहिये. 


उन्होंने यह भी कहा कि भारत को तिब्बत (जिसे चीन में जिजांग कहा जाता है) से संबंधित मामलों में अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करना चाहिये. माओ ने चेतावनी दी कि भारत को अपने शब्दों और कार्यों में सावधानी बरतनी चाहिये, क्योंकि तिब्बत से जुड़े मामलों में हस्तक्षेप से भारत-चीन संबंधों पर असर पड़ सकता है.


उल्लेखनीय है कि लगभग छह दशक पहले 14वें दलाई लामा ने चीन द्वारा नियंत्रित तिब्बत से गुप्त रूप से भारत में शरण ली थी. उस समय उनकी उम्र मात्र 24 वर्ष थी. उनके साथ उनके परिवार और अनुयायी भी तिब्बत छोड़कर भारत आये थे. हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला सहित भारत के विभिन्न क्षेत्रों में हजारों तिब्बती बौद्धों को आश्रय मिला.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP