कांग्रेस ने पूछा- हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत को डूबाने पर मोदी सरकार चुप क्यों?
नई दिल्ली । डेस्क: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने हिंद महासागर में एक अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा ईरानी युद्धपोत को डुबाए जाने की घटना पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की चुप्पी पर कड़े सवाल खड़े किए हैं. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस घटना को भारत के रणनीतिक हितों के लिए बड़ा खतरा बताया.
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि डूबा हुआ ईरानी जहाज हाल ही में विशाखापत्तनम में आयोजित भारत के बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यास 'मिलन 2026' (MILAN 2024) में शामिल हुआ था.
उन्होंने कहा कि श्रीलंका के गाले से लगभग 40 समुद्री मील दूर हुई यह कार्रवाई भारत के समुद्री पड़ोस में एक असाधारण घटना है, जिस पर सरकार का कोई आधिकारिक रुख न आना आश्चर्यजनक है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी प्रधानमंत्री मोदी की घेराबंदी करते हुए कहा कि भारत के अतिथि के रूप में आए एक निहत्थे जहाज का भारतीय क्षेत्र के पास तारपीडो से उड़ा दिया जाना गंभीर चिंता का विषय है.
खड़गे ने 'नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर' के दावों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब अपने ही पिछवाड़े में ऐसी घटनाएं हो रही हैं, तो प्रधानमंत्री चुप क्यों हैं?
उन्होंने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे 38 भारतीय वाणिज्यिक जहाजों और 1100 नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया और बताया कि कैप्टन आशीष कुमार सहित दो भारतीय नाविकों की मौत की खबरें भी आ रही हैं.
कांग्रेस ने खाड़ी देशों में रह रहे करीब एक करोड़ भारतीयों की सुरक्षा, छात्रों की मदद और देश में तेल संकट की स्थिति पर सरकार से तत्काल स्पष्टीकरण की मांग की है.
गौरतलब है कि अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने पुष्टि की है कि अमेरिकी पनडुब्बी से दागे गए तारपीडो ने ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया, जिसमें श्रीलंकाई अधिकारियों के अनुसार अब तक 87 शव बरामद किए जा चुके हैं.
इजराइल जाकर नरेंद्र मोदी ने एक ऐसा मेडल पहन लिया, जिसका कभी कोई वजूद ही नहीं था, लेकिन साहब इसी में खुश हो गए।
— Congress (@INCIndia) March 5, 2026
आज ग्लोबल साउथ के देश इजराइल से दूर रहना चाहते हैं। इजराइल के आसपास कोई भी नहीं दिखना चाहता।
मगर नरेंद्र मोदी खुशी-खुशी इजराइल चले गए। अब याद करिए- Epstein files में… pic.twitter.com/siC3q7Pbsi