जलवायु परिवर्तन: उच्च आर्द्रता से जल्दी मासिक धर्म, अध्ययन में खुलासा
नई दिल्ली । डेस्क: जलवायु परिवर्तन का असर न केवल पर्यावरण पर, बल्कि मानव स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है. एक नए अध्ययन के अनुसार, उच्च आर्द्रता के कारण लड़कियों में मासिक धर्म की शुरुआत जल्दी हो रही है, जबकि उच्च तापमान इसके विपरीत, मासिक धर्म शुरू होने में देरी का कारण बन सकता है.
बांग्लादेश के नॉर्थ साउथ यूनिवर्सिटी सहित अन्य संस्थानों के शोधकर्ताओं ने 1992-93 और 2019-21 के बीच 'डेमोग्राफिक एंड हेल्थ सर्वे' (DHS) और नासा के जलवायु डेटा का विश्लेषण किया.
'PLOS ग्लोबल पब्लिक हेल्थ' जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में पाया गया कि भारत के अधिकांश राज्यों में लड़कियों में मासिक धर्म की शुरुआत कम उम्र में हो रही है, सिवाय महाराष्ट्र के, जहां यह देरी से शुरू हो रहा है.
शोधकर्ताओं ने बताया कि उच्च आर्द्रता मासिक धर्म की शुरुआत को जल्दी करने से जुड़ी है, जबकि उच्च तापमान हार्मोन नियमन को प्रभावित कर सकता है, जिससे मासिक धर्म में देरी हो सकती है.
शोध में यह भी पाया गया कि उच्च शिक्षा का स्तर भी जल्दी मासिक धर्म से जुड़ा हो सकता है, जो जनसांख्यिकीय कारकों का प्रभाव दर्शाता है.
शोधकर्ताओं ने जलवायु परिवर्तन के स्वास्थ्य पर प्रभावों की निरंतर निगरानी और पोषण, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच, और स्वास्थ्य जागरूकता के लिए शैक्षिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया.