चीन: भ्रष्टाचार विरोधी अभियान में दो शीर्ष जनरल निष्कासित
नई दिल्ली । डेस्क: चीन ने एक बड़े भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत अपने दो शीर्ष जनरलों को सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी और सेना से निष्कासित कर दिया है. रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को घोषणा की कि ये अधिकारी "अनुशासन और कानून के गंभीर उल्लंघन" के दोषी पाए गए हैं.
निष्कासित किए गए अधिकारियों में चीन के नंबर दो जनरल, ही वेइडोंग (He Weidong), और चीनी सेना के शीर्ष राजनीतिक अधिकारी मियाँओ हुआ (Miao Hua) शामिल हैं. ये दोनों अधिकारी देश की शीर्ष सैन्य कमान इकाई, सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (CMC), के सदस्य थे.
2023 से पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के नेतृत्व को लक्षित करने वाले भ्रष्टाचार विरोधी अभियान में यह सबसे बड़ी कार्रवाई है.
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता झांग शियाओगांग ने बताया कि ही, मियाँओ और सात अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने "पार्टी अनुशासन का गंभीर रूप से उल्लंघन किया है और उन पर अत्यधिक बड़ी धनराशि से संबंधित कर्तव्य-संबंधी गंभीर अपराधों का संदेह है." उन्होंने आगे कहा कि उनके अपराध "गंभीर प्रकृति के थे, जिनके बेहद हानिकारक परिणाम हुए."
ही वेइडोंग का निष्कासन महत्वपूर्ण है क्योंकि वह सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के बैठे हुए (पद पर रहते हुए) जनरल का 1966-1976 की सांस्कृतिक क्रांति के बाद पहला निष्कासन है.
वह 24 सदस्यीय पोलित ब्यूरो के भी सदस्य थे, जो सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी की दूसरी सबसे बड़ी शक्ति है. ही वेइडोंग को राष्ट्रपति शी चिनफिंग का करीबी माना जाता था. ही वेइडोंग को मार्च से सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया था, हालांकि उनकी जाँच पहले सार्वजनिक नहीं की गई थी.
यह घोषणा कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति की बीजिंग में होने वाली चौथे प्लेनम की बैठक से कुछ ही दिन पहले आई है. उम्मीद है कि इस बैठक में केंद्रीय समिति के सदस्यों के निष्कासन जैसे अन्य कार्मिक निर्णयों को औपचारिक रूप दिया जाएगा.
मियाँओ हुआ को पिछले नवंबर में "अनुशासन के गंभीर उल्लंघन" की जांच के बाद जून में CMC से हटा दिया गया था.