चीन का नया 'ASTERIS' AI: अब दिखेगा 13 अरब साल पुराना ब्रह्मांड
बीजिंग । डेस्क: चीनी शोधकर्ताओं ने खगोल विज्ञान के क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति लाते हुए 'ASTERIS' (एस्ट्रोनॉमिकल स्पेटियोटेम्पोरल एनहांसमेंट एंड रिकंस्ट्रक्शन फॉर इमेज सिंथेसिस) नामक एक नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल विकसित किया है. त्सिंगहुआ विश्वविद्यालय की एक क्रॉस-डिसिप्लिनरी टीम द्वारा तैयार किया गया यह मॉडल ब्रह्मांड की अब तक की सबसे गहरी और स्पष्ट तस्वीरें लेने में सक्षम है.
प्रतिष्ठित जर्नल 'साइंस' में प्रकाशित शोध के अनुसार, यह मॉडल 13 अरब प्रकाश वर्ष से अधिक दूर स्थित आकाशगंगाओं की पहचान कर सकता है. जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) के डेटा पर इस तकनीक का उपयोग करने से इसकी संवेदनशीलता में जबरदस्त सुधार हुआ है, जिससे यह अब पहले की तुलना में 2.5 गुना धुंधली वस्तुओं को भी देख सकता है.
इस एआई तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता इसकी 'सेल्फ-सुपरवाइज्ड डिनोइजिंग' क्षमता है, जो टेलीस्कोप के शोर (Noise) और थर्मल रेडिएशन के बीच छिपे अत्यंत सूक्ष्म संकेतों को पहचानने में मदद करती है.
टीम ने इस मॉडल की मदद से 'कॉस्मिक डॉन' काल की 160 से अधिक संभावित आकाशगंगाओं की पहचान की है, जो बिग बैंग के महज 20 से 50 करोड़ साल बाद अस्तित्व में आई थीं.
विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक न केवल वर्तमान टेलीस्कोपों की क्षमता बढ़ाएगी, बल्कि भविष्य में डार्क मैटर, डार्क एनर्जी और ब्रह्मांड की उत्पत्ति जैसे जटिल रहस्यों को सुलझाने में भी निर्णायक भूमिका निभाएगी.