धर्म परिवर्तन के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी-साय
धार्मिक परिवर्तन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की घोषणा
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को धार्मिक परिवर्तन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए इसे "छत्तीसगढ़ पर एक दाग" करार दिया है. और इसे पूरी तरह समाप्त करने के लिये अपनी सरकार के दृढ़ संकल्प की घोषणा की.
रायपुर में अपने संबोधन में साय ने कहा, "धार्मिक परिवर्तन छत्तीसगढ़ पर एक दाग है. इसे खत्म करने की अंतिम लड़ाई शुरू हो चुकी है. सरकार ठोस कदम उठायेगी और किसी भी स्थिति में ऐसी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा."
यह बयान दो कैथोलिक ननों और एक आदिवासी युवक की तस्करी और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप में हुई गिरफ्तारी के बाद आया है, जिसने रायपुर से नई दिल्ली तक राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है. भाजपा नेताओं ने सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है, जबकि कांग्रेस ने इन गिरफ्तारियों को "राजनीतिक प्रतिशोध" करार दिया है.
बिलासपुर के कांग्रेस विधायक अतल श्रीवास्तव ने कहा, "यह धर्म के नाम पर नफरत फैलाने और समुदायों को बांटने की स्पष्ट कोशिश है. हमें न्यायपालिका पर भरोसा है, और आज का फैसला उस विश्वास को मजबूत करता है."
इस घटना ने धार्मिक स्वतंत्रता, धर्मांतरण विरोधी कानूनों और आस्था-आधारित प्रचार व जबरदस्ती के बीच की रेखा को लेकर सार्वजनिक बहस को फिर से जन्म दिया है. छत्तीसगढ़ में पहले भी विशेष रूप से बस्तर और जशपुर जैसे आदिवासी-प्रधान जिलों में धर्मांतरण से जुड़े छिटपुट विवाद देखे गये हैं.
साय के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा धार्मिक परिवर्तन के खिलाफ सख्त बयानबाजी के साथ, आने वाले हफ्तों में आदिवासी क्षेत्रों में विधायी और प्रशासनिक उपायों पर अधिक ध्यान केंद्रित होने की संभावना है.
राजनीतिक दलों के बीच कड़ा रुख और न्यायपालिका की संवैधानिक भूमिका के साथ, यह घटनाक्रम न केवल धार्मिक और नागरिक स्वतंत्रताओं बल्कि छत्तीसगढ़ के बदलते राजनीतिक परिदृश्य के लिए भी दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकता है.