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छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: EOW/ACB ने दाखिल की 10वीं सप्लीमेंट्री चार्जशीट

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14 अक्टू. 2026, 06:39 PM 3 मिनट में पढ़ें 9

ACB-EOW
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रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो और एंटी करप्शन ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विशेष कोर्ट में 10वीं पूरक चार्जशीट दाखिल कर दी है. करीब 27 हजार पन्नों की इस विस्तृत चार्जशीट में पूर्व प्रदेश कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा के बेटे यश टुटेजा, शराब कारोबारियों और हवालावादियों समेत 20 लोगों को आरोपी बनाया गया है. 


इसके अलावा 22 कंपनियों को भी मामले में नामजद किया गया है. जांच एजेंसी के अनुसार 2019 से 2022 के दौरान तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में इस संगठित सिंडिकेट ने बड़े पैमाने पर अवैध कमाई की.


पार्टी फंड के नाम पर 1000 करोड़ का कैश कलेक्शन और मनी लॉन्ड्रिंग


जांच एजेंसी ने दावा किया है कि पूर्व कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल ने पार्टी फंड के नाम पर 1000 करोड़ रुपये से अधिक का कैश प्राप्त किया, उसका प्रबंधन संभाला और ट्रांसफर किया. इसके साथ ही पूर्व आईएएस अधिकारी के बेटे यश टुटेजा पर अवैध रकम को पारिवारिक खातों और संपत्तियों में रूट करने तथा जमीन के सौदों के जरिए उसे वैध बनाने का आरोप है. सिंडिकेट के जरिए जुटाए गए फंड का एक बड़ा हिस्सा दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, राजकोट और दुबई तक हवाला व अंगड़िया नेटवर्क के माध्यम से भेजा गया.


नकली होलोग्राम और बिना टैक्स वाली 'पार्ट-B' शराब का खेल


चार्जशीट में घोटाले के पूरे तौर-तरीकों का खुलासा किया गया है. वैध शराब आपूर्ति पर 'पार्ट-A' और सप्लाई ज़ोन के हिसाब से 'पार्ट-C' कमीशन वसूला जाता था. इसके अलावा डिस्टिलरीज़ से बिना आबकारी ड्यूटी चुकाए अतिरिक्त देसी शराब यानी 'पार्ट-B' बनवाई जाती थी. प्रिज्म होलोग्राम कंपनी के जरिए नकली होलोग्राम बनवाकर इन बोतलों पर लगाए जाते थे और ट्रांसपोर्टरों की मदद से इन्हें सरकारी दुकानों तक पहुंचाया जाता था. एजेंसी के मुताबिक 15 जिलों में करीब 60.5 लाख बॉक्स अवैध 'पार्ट-B' शराब बेची गई, जिसकी कुल बाजार कीमत 2,174.67 करोड़ रुपये से अधिक थी.


रियल एस्टेट निवेश, लॉकडाउन की कालाबाजारी और बड़ी गिरफ्तारियां


सिंडिकेट ने विदेशी शराब कंपनियों से कमीशन वसूलने के लिए बिचौलिया फर्में बनाईं और कमीशन की रकम को फिक्स्ड डिपॉजिट और अनसिक्योर्ड लोन के रूप में रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में निवेश किया. कोरोना काल के लॉकडाउन के दौरान भी बंद पड़ी डिस्टिलरीज़ से स्टॉक निकालकर होटलों और बार में तय दरों से महंगे दामों पर अवैध बिक्री की गई. मामले में रामगोपाल अग्रवाल फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि एक अन्य आरोपी के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है. इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) और राज्य एजेंसी पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे चैतन्य बघेल को गिरफ्तार कर चुकी हैं.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP