OTT पर नहीं चलेगी सेंसर बोर्ड की कैंची, केंद्र ने दी सफाई
नई दिल्ली । डेस्क: केंद्र सरकार ने लोकसभा में स्पष्ट किया कि भारत में ऑनलाइन स्ट्रीमिंग या ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म पर दिखाया जाने वाला कंटेंट फिलहाल केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) यानी सेंसर बोर्ड के अधिकार क्षेत्र से बाहर रहेगा. सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने संसद में बताया कि सेंसर बोर्ड एक वैधानिक निकाय है जिसकी शक्ति केवल सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली फिल्मों तक ही सीमित है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के लिए नियम अलग हैं और वे सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के भाग III के तहत संचालित होते हैं.
मंत्री ने सदन को जानकारी दी कि इन नियमों के तहत ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के लिए एक सख्त आचार संहिता का पालन करना अनिवार्य है, जिसमें सरकार द्वारा प्रतिबंधित सामग्री के प्रकाशन पर रोक और सभी फिल्मों व शो के लिए आयु-आधारित वर्गीकरण शामिल है.
इसके साथ ही, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए तीन-स्तरीय शिकायत निवारण प्रणाली लागू है, जिसमें पहले स्तर पर प्लेटफॉर्म द्वारा स्व-नियमन, दूसरे स्तर पर उनके द्वारा गठित स्व-नियामक निकाय और अंतिम स्तर पर केंद्र सरकार का हस्तक्षेप शामिल है.
डॉ. मुरुगन ने यह भी बताया कि अब तक अश्लील सामग्री प्रदर्शित करने के आरोप में 43 ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है.