सावधान! तरबूज खाने के बाद देश के कई राज्यों में मौत का तांडव
भोपाल । डेस्क: गर्मियों के मौसम में शरीर को ठंडक पहुंचाने वाला फल 'तरबूज' इस समय देश के कई हिस्सों में मातम का कारण बनता जा रहा है. छत्तीसगढ़ और मुंबई के बाद अब मध्य प्रदेश से भी तरबूज खाने के बाद मौत का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है. मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में तरबूज खाने से एक 43 वर्षीय व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसका 21 वर्षीय बेटा अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है.
मृतक की पहचान इंद्र कुमार परिहार (43) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से शाजापुर जिले के रहने वाले थे और श्योपुर में ड्राइवर के तौर पर काम करते थे. परिजनों के मुताबिक, गुरुवार रात को ही पिता-पुत्र की तबीयत कुछ खराब थी. शुक्रवार सुबह दोनों ने घर में रखा तरबूज खाया, जिसके तुरंत बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी. अस्पताल ले जाते समय पिता ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया, जबकि बेटे विनोद की हालत गंभीर बनी हुई है. डॉक्टरों को आशंका है कि यह मामला गंभीर फूड पॉइजनिंग या पेट के संक्रमण का हो सकता है.
छत्तीसगढ़: सुबह का कटा तरबूज शाम को खाना पड़ा भारी, 15 साल के मासूम की मौत
मध्य प्रदेश से पहले ऐसा ही एक दिल दहला देने वाला मामला छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से सामने आया था. यहाँ एक पारिवारिक मिलन समारोह के दौरान तरबूज खाने से 15 साल के एक किशोर की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य बच्चे गंभीर रूप से बीमार हो गए.
जांच में सामने आया कि फल को सुबह ही काट दिया गया था और कई घंटों बाद शाम को बच्चों को परोसा गया. तरबूज खाते ही बच्चों को उल्टी और घबराहट होने लगी. इस घटना में अखिलेश धीवर नाम के लड़के की जान चली गई. डॉक्टरों ने लंबे समय तक कटे हुए फल में बैक्टीरियल इन्फेक्शन (बैक्टिरिया के फैलने) और फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई है. पुलिस ने घर से एक बिना कटा तरबूज भी फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है.
मुंबई: तरबूज में मिला चूहे मारने वाला जहर, एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत
तरबूज से जुड़ी सबसे खौफनाक घटना आर्थिक राजधानी मुंबई में देखने को मिली, जहाँ एक ही रात में पूरा परिवार खत्म हो गया. यहाँ एक परिवार के चार सदस्यों ने रात के खाने के बाद तरबूज खाया था, जिसके कुछ ही घंटों के भीतर सबकी मौत हो गई.
मृतकों में अब्दुल्ला डोकाडिया, उनकी पत्नी नसरीन और उनकी दो किशोर बेटियां शामिल थीं. शुरुआत में इसे सामान्य फूड पॉइजनिंग माना जा रहा था, लेकिन जब फोरेंसिक टीम ने शवों और घर से मिले तरबूज के टुकड़ों की जांच की, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ.
जांच में तरबूज के सैंपल और मृतकों के शरीर में 'जिंक फॉस्फाइड' (Zinc Phosphide) के अंश मिले, जो कि चूहे मारने वाले जहर में इस्तेमाल होने वाला एक बेहद खतरनाक और जानलेवा केमिकल है. पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि यह जहर फल में कैसे पहुंचा.
डॉक्टरों की सलाह:
लगातार आ रहे इन मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि तरबूज को कभी भी बहुत पहले से काट कर न रखें. बाजार से फल लाते समय उसकी गुणवत्ता की जांच करें और तरबूज खाने के बाद किसी भी तरह की बेचैनी होने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें.