बंगाल चुनाव: दो चरणों के शेड्यूल पर भड़की तृणमूल कांग्रेस
कोलकाता । डेस्क: निर्वाचन आयोग द्वारा विज्ञान भवन से रविवार को जारी किए गए बंगाल विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम ने राज्य में सियासी पारा चढ़ा दिया है. 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान के फैसले पर सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी के दूसरे स्तर के नेतृत्व ने इसे चुनाव आयोग और भाजपा के बीच का "साठगांठ" करार दिया है.
हालांकि, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी इस मुद्दे पर अपनी आधिकारिक और निर्णायक प्रतिक्रिया सोमवार दोपहर को देंगे. माना जा रहा है कि कॉलेज स्क्वायर से एस्प्लेनेड तक होने वाले एक विशाल विरोध मार्च के दौरान दोनों नेता इस चुनावी कार्यक्रम की घेराबंदी करेंगे.
यह मार्च मुख्य रूप से पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण बढ़ते एलपीजी संकट के खिलाफ आयोजित है, लेकिन टीएमसी इसे रसोई के बजट की समस्या और चुनाव आयोग के पक्षपातपूर्ण रवैये को जोड़कर एक बड़ा चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी में है.
रविवार को तृणमूल प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने चुनाव आयोग पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि चरणों की संख्या केवल भाजपा की इच्छा का प्रतिबिंब है. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त और उनकी टीम पर भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया.
वहीं, पार्टी के प्रदेश महासचिव कुणाल घोष ने 2021 के चुनावों की याद दिलाते हुए कहा कि जब कोरोना की दूसरी लहर के दौरान पूरा देश कम चरणों में चुनाव की मांग कर रहा था, तब आयोग ने आठ चरणों में मतदान कराकर लाखों लोगों की जान जोखिम में डाली थी.
घोष ने तंज कसते हुए कहा कि इस बार भाजपा ने एक या दो चरण मांगे और आयोग ने दो दे दिए, जिससे यह संस्था एक "मजाक" बनकर रह गई है.
इन सबके बीच, तृणमूल नेतृत्व ने सभी 294 सीटों के लिए उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप दे दिया है, जिसकी घोषणा मंगलवार को होने की संभावना है.
कुणाल घोष ने जीत का दावा करते हुए कहा कि तृणमूल की जमीनी मौजूदगी और जनकल्याणकारी योजनाओं के दम पर पार्टी फिर सत्ता में आएगी और भाजपा पिछली बार की 77 सीटों के मुकाबले इस बार महज 27 सीटों पर सिमट जाएगी.