रवि, 18 अक्टू. 2026

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बेलागावी: वोटर लिस्ट से मुस्लिम नाम डिलीट करने की साजिश, बल्क में प्री-फिल्ड फॉर्म-7 मिले

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01 अक्टू. 2026, 05:48 AM 3 मिनट में पढ़ें 1

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बेंगलुरु । डेस्क: द हिंदू के हवाले से खबर है कि कर्नाटक के बेलागावी उत्तर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता सूची से कथित तौर पर एक ही समुदाय के लोगों के नाम हटाने की एक बड़ी साजिश सामने आई है. क्षेत्र के विभिन्न पोलिंग स्टेशनों पर तैनात बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को बल्क में ऐसे फॉर्म-7 आवेदन सौंपे गए, जिनमें केवल मुस्लिम मतदाताओं के नाम और विवरण पहले से ही टाइप या प्रिंट थे, जबकि आपत्ति जताने वाले व्यक्ति के हस्ताक्षर या नाम हाथ से लिखे गए थे या खाली छोड़ दिए गए थे.


यह पूरा मामला बेलागावी उत्तर के वीरभद्र नगर और शेट्टीगली स्थित कम से कम छह पोलिंग स्टेशनों (पार्ट संख्या 194, 195, 196, 199, 209 और 210) में देखने को मिला. पोलिंग स्टेशन 196 पर बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) मीरसाब सनाडी ने बताया कि जब वे केंद्र पर पहुंचे तो करीब 380 फॉर्म देखकर हैरान रह गए, क्योंकि उनमें उनके खुद के परिवार, रिश्तेदारों और पड़ोसियों के नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए दिए गए थे.

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, बेलागावी नगर निगम का कर्मचारी बताने वाले दो अज्ञात व्यक्तियों ने बीएलओ पर इन आवेदनों को तुरंत स्वीकार करने और हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया. 


जब बीएलओ ने इन मतदाताओं को स्थानीय निवासी बताते हुए दस्तखत करने से मना कर दिया, तो आरोपियों ने फोन पर खुद को इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ईआरओ) उदयकुमार बासवंतप्पा तलावर बताकर अधिकारियों को गुमराह करने और फॉर्म पर दस्तखत कराने की कोशिश की. 


हालांकि, वास्तविक ईआरओ उदयकुमार तलावर ने पुष्टि की है कि उनके नाम का गलत इस्तेमाल किया गया है और उन्होंने ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया था.


मामले की सूचना मिलने पर स्थानीय नागरिकों ने बेलागावी उत्तर के विधायक आसिफ सेठ के पुत्र और कांग्रेस कार्यकर्ता अमान सेठ को सूचित किया. 


जब संदिग्धों से कड़ाई से पूछताछ की गई तो उन्होंने नगर निगम के बजाय एक निजी अस्पताल से जुड़े होने की बात कही. जब फॉर्म में दिए गए आपत्तिकर्ताओं के फोन नंबरों पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि नाम और ईपीआईसी नंबर उनके ही हैं, लेकिन उन्होंने किसी के खिलाफ नाम हटाने का कोई फॉर्म नहीं भरा है. अधिकारियों द्वारा अब इस फर्जीवाड़े की जांच की जा रही है.


गौरतलब है कि SIR (Special Summary Revision या विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण) प्रक्रिया में फॉर्म 7 (Form 7) मतदाता सूची (Voter List) से किसी व्यक्ति का नाम हटाने, रद्द करने या उस पर आपत्ति जताने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक आधिकारिक आवेदन पत्र है. 


जब भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य करता है, तब यदि किसी मतदाता की मृत्यु हो गई हो, कोई स्थायी रूप से किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट हो गया हो, किसी का नाम गलती से दो जगह दर्ज हो गया हो या फिर कोई व्यक्ति मतदाता बनने की योग्यता न रखता हो, तो ऐसे नामों को वोटर लिस्ट से हटाने या उन पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए फॉर्म 7 भरा जाता है. 


इस फॉर्म को कोई भी पंजीकृत मतदाता अपने मतदान केंद्र क्षेत्र (Polling Area) के मतदाता सूची में सुधार हेतु बूथ लेवल अधिकारी (BLO) के पास, मतदाता सेवा पोर्टल (Voter Services Portal) पर ऑनलाइन या Voter Helpline App के माध्यम से जमा कर सकता है. नामांकनों के सत्यापन और आवश्यक जांच के बाद ही चुनाव आयोग का निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) फॉर्म 7 के आधार पर वोटर लिस्ट से संबंधित नाम को हटाने का अंतिम निर्णय लेता है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP