बांग्लादेश रिपोर्ट का दावा: अडाणी पावर की बिजली 40% महंगी, थोपा भारतीय टैक्स
ढाका । डेस्क: बांग्लादेश की एक सरकारी समिति (NRC) की हालिया रिपोर्ट में अडाणी पावर के गोड्डा संयंत्र से जुड़ी बिजली खरीद प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं. आरोप है कि अडाणी पावर अपनी बिजली की कीमतों में भारतीय कॉरपोरेट टैक्स का हिस्सा भी बांग्लादेश से वसूल रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के खिलाफ है.
नेशनल रिव्यू कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि अडाणी के झारखंड स्थित गोड्डा प्लांट से मिलने वाली बिजली की दरें इसके निकटतम निजी प्रतिस्पर्धी की तुलना में 39.7% अधिक हैं. समिति ने इसे "गंभीर विसंगति" बताते हुए कहा कि यह अनुबंध प्रक्रिया में बरती गई खामियों का परिणाम है.
रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि अडाणी समूह बांग्लादेश को लगभग 50% अधिक कीमत पर बिजली बेच रहा है, जो देश के अन्य बिजली आयात समझौतों की तुलना में सबसे महंगा विकल्प है.
समिति के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वतंत्र बिजली उत्पादकों को अपने गृह क्षेत्र में स्वयं ही कॉरपोरेट टैक्स का भुगतान करना होता है, लेकिन अडाणी के साथ हुए समझौते में इस कर का बोझ भी बांग्लादेश पर डाल दिया गया है. फिलहाल यह संयंत्र बांग्लादेश की कुल बिजली खपत का 10% से अधिक हिस्सा आपूर्ति करता है.
दूसरी ओर, अडाणी पावर ने इन दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उन्हें इस रिपोर्ट की कोई आधिकारिक प्रति नहीं मिली है और न ही समिति ने उनसे कोई परामर्श किया है.
कंपनी ने स्पष्ट किया कि वह बकाया भुगतान न मिलने के बावजूद बांग्लादेश को लगातार बिजली आपूर्ति कर रही है, जबकि अन्य उत्पादकों ने अपने हाथ पीछे खींच लिए हैं.
अडाणी पावर ने बांग्लादेश सरकार से अपने पुराने बकाया को जल्द से जल्द चुकाने का आग्रह किया है ताकि परिचालन जारी रखा जा सके. हालांकि, सरकारी समिति ने अब इन अनुबंधों की फिर से समीक्षा और उन प्रावधानों पर पुन: बातचीत करने की सिफारिश की है जो बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँचा रहे हैं.