इंडिगो कर्मचारियों के लिए तिलक लगाने पर पाबंदी, सोशल मीडिया पर बवाल
नई दिल्ली । डेस्क: विमानन कंपनी इंडिगो के कर्मचारियों के लिए लागू की गई नई ग्रूमिंग पॉलिसी ने देश में एक नई बहस छेड़ दी है. कंपनी के उस कथित फैसले का कड़ा विरोध हो रहा है, जिसमें कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान माथे पर तिलक लगाने से मना किया गया है. सोशल मीडिया पर इस नीति को लेकर 'बॉयकॉट इंडिगो' ट्रेंड कर रहा है.
कई यूजर्स इसे व्यक्तिगत और धार्मिक स्वतंत्रता में हस्तक्षेप मान रहे हैं.
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब कुछ समय पहले 'लेंसकार्ट' पर भी हिजाब और पगड़ी को लेकर इसी तरह के आरोप लगे थे, जिसके बाद कंपनी के सीईओ पीयूष बंसल को माफी मांगनी पड़ी थी.
इंडिगो के मामले में भी अब वही बहस दोबारा शुरू हो गई है कि क्या कॉर्पोरेट जगत 'प्रोफेशनलिज्म' के नाम पर लोगों की धार्मिक आस्थाओं को निशाना बना रहा है.
जहां एक पक्ष का मानना है कि एयरलाइंस जैसे क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय मानकों और एकरूपता के लिए सख्त ड्रेस कोड जरूरी है, वहीं दूसरा पक्ष इसे मौलिक अधिकारों का हनन बता रहा है.
विशेषज्ञों के अनुसार, आधुनिक कार्यस्थलों पर कंपनियों के नियमों और व्यक्तिगत पहचान के बीच एक सूक्ष्म संतुलन बनाना अब सबसे बड़ी चुनौती बन गया है. फिलहाल, इस 'तिलक बनाम नियम' विवाद ने सोशल मीडिया पर पहचान और संस्कृति की एक बड़ी बहस को जन्म दे दिया है.