बद्रीनाथ-केदारनाथ धाम में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक
देहरादून । डेस्क: उत्तराखंड के प्रसिद्ध तीर्थस्थलों की पवित्रता और सनातन परंपराओं को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी है. समिति ने घोषणा की है कि बद्रीनाथ, केकेदारनाथ और मां गंगा के शीतकालीन निवास मुखबा सहित समिति के नियंत्रण वाले सभी मंदिरों में अब गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित होगा.
बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि ये धाम केवल पर्यटन स्थल नहीं बल्कि सनातन परंपरा के प्रमुख केंद्र हैं, जहां प्रवेश का विषय नागरिक अधिकारों के बजाय धार्मिक भावनाओं और परंपराओं से जुड़ा है. उन्होंने गंगोत्री सहित अन्य मंदिरों में भी इस व्यवस्था को लागू करने का प्रस्ताव आगामी बोर्ड बैठक में रखने की बात कही है.
इस निर्णय का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी समर्थन किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन तीर्थस्थलों का प्रबंधन करने वाली समितियों के सुझावों के अनुरूप ही कार्य करेगा.
गौरतलब है कि इससे पहले मार्च 2025 में केदारनाथ से भाजपा विधायक आशा नौटियाल ने भी मंदिर की छवि खराब करने वाली घटनाओं का हवाला देते हुए गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई थी.
इस बीच, चारधाम यात्रा की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं; बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खुलेंगे, जबकि गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे. केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि की घोषणा महाशिवरात्रि पर की जाएगी.