बांग्लादेश को अडानी पावर का रिकॉर्ड निर्यात, भारत पर निर्भरता बढ़ी
नई दिल्ली । डेस्क: भारत और बांग्लादेश के बीच मौजूदा राजनयिक तनाव और बिजली दरों को लेकर जारी विवाद के बावजूद, अडानी पावर द्वारा बांग्लादेश को की जाने वाली बिजली आपूर्ति में भारी उछाल आया है. दोनों देशों के सरकारी आंकड़ों के अनुसार, झारखंड के गोड्डा स्थित अडानी के कोयला आधारित पावर प्लांट से होने वाला निर्यात दिसंबर को समाप्त हुई तिमाही में सालाना आधार पर लगभग 38% बढ़कर 2.25 अरब किलोवाट-घंटा (kWh) तक पहुंच गया है.
यह वृद्धि ऐसे समय में देखी जा रही है जब ढाका और नई दिल्ली के बीच सुरक्षा चिंताओं को लेकर वीजा सेवाएं निलंबित हैं और राजनयिक संबंधों में खटास आई है.
हालांकि, बांग्लादेश में गहराते ऊर्जा संकट ने उसे पड़ोसी देश से बिजली आयात बढ़ाने पर मजबूर कर दिया है.
आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 में बांग्लादेश के कुल बिजली मिश्रण में भारतीय निर्यात की हिस्सेदारी बढ़कर रिकॉर्ड 15.6% हो गई है, जो 2024 में 12% थी. इसमें अकेले अडानी पावर का योगदान 8.2% रहा, जिसने पिछले वर्ष रिकॉर्ड 8.63 अरब kWh बिजली की आपूर्ति की.
बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड के चेयरमैन रज़ाउल करीम ने बताया कि घरेलू प्राकृतिक गैस के उत्पादन में गिरावट और मांग में संभावित 6% से 7% की वृद्धि को देखते हुए बिजली आयात अनिवार्य हो गया है.
स्थानीय विशेषज्ञों का मानना है कि हालांकि अडानी की बिजली को लेकर कुछ आपत्तियां हैं, लेकिन यह अभी भी तेल से चलने वाले संयंत्रों की तुलना में सस्ती पड़ती है.
गैस की भारी कमी के कारण बांग्लादेश को कोयला आयात में भी 35% की बढ़ोतरी करनी पड़ी है ताकि घरेलू बिजली उत्पादन को सहारा दिया जा सके. जनवरी 2026 के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, बांग्लादेश की कुल बिजली आपूर्ति में अडानी पावर की हिस्सेदारी अब लगभग 10% तक पहुँच गई है.