पंचायतों में काम ठप, सरपंच संघ हड़ताल की तैयारी में
छत्तीसगढ़ पंचायतों में काम ठप, सरपंच संघ हड़ताल की तैयारी में
रायपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ ने नवनिर्वाचित सरपंचों को शपथ लेने के एक महीने बाद भी वित्तीय प्रभार नहीं मिला है. यह स्थिति प्रदेश के अधिकांश पंचायतों की है. जिसके चलते ग्राम पंचायतों का काम पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है.
नाली, पानी, बिजली जैसे मूलभूत आवश्यक काम भी बाधित हो रहे हैं. कुछ आवश्यक काम को सरपंच करा भी रहे हैं तो उसके लिए उन्हें अपनी जेब से राशि खर्च करनी पड़ रही है. इन सब परेशानियों से नाराज बेमेतरा सरपंच संघ आंदोलन की तैयारी में है. यहां की 108 ग्राम पंचायतों के 106 सरपंचों को वित्तीय प्रभार नहीं मिला है.
प्रदेश में ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के चुनाव परिणाम आए करीब डेढ़ माह होने को है. नवनिर्वाचित सरपंचों को शपथ लिए ही एक माह हो गया है. ग्राम पंचायतों में नये पदाधिकारी जैसे ही कामकाज संभालने लगे थे. पंचायत सचिव अचानक से हड़ताल पर चले गए. जिनकी अभी तक हड़ताल खत्म नहीं हुई है.
इस दौरान कुछ ही पंचायतों में वित्तीय प्रभार सौंपने का काम पूरा हुआ था. अधिकांश पंचायतों में स्वागत और समारोह आयोजित करने की रूपरेखा तैयार करने के चलते काम नहीं हो पाया था. वहीं कई जगह सचिवों की लापरवाही या अनदेखी के चलते काम नहीं कराया गया.
दूसरी तरफ पूर्व सरपंचों द्वारा प्रभार सौंपने में हीला-हवाली भी प्रमुख कारणों में से एक था. जबकि शपथ ग्रहण के बाद सबसे पहला काम पूर्व सरपंचों से पंचायत की संपत्ति, बैंक खाते के साथ अन्य आवश्यक दस्तावेजों को अपने हाथों में लेना होता है. साथ ही बैंकों में संचालित खातों में नाम परिवर्तन करने के लिए नवनिर्वाचित सरपंच का हस्ताक्षर नमूना प्रस्तुत करने के लिए संयुक्त फॉर्म जमा करना पड़ता है. उसे भी जमा नहीं किया गया है.
नवनिर्वाचित सरपंचों को अब काम कराने की चुनौती है. लेकिन हाथ में किसी प्रकार का वित्तीय प्रभार नहीं होने की वजह से काम नहीं करा पा रहे हैं. कुछ ही पंचायत हैं जहां प्रभार परिवर्तन हुआ है. लेकिन उनके भी हाथ सचिवों के नहीं रहने से बंधे हुए हैं. फंड उपलब्ध होने के बाद भी उसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं.
सरपंचों के सामने इस गर्मी में पंचायतों के अंतर्गत पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करना सबसे बड़ी परेशानी है.