राजिम कुंभ में पहुंचा फर्जी महामंडलेश्वर, भंडाफोड होते फरार
छत्तीसगढ़ के राजिम कुंभ में पहुंचा फर्जी महामंडलेश्वर, भंडाफोड होते फरार
राजिम | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के पवित्र त्रिवेणी संगम तट पर चल रहे राजिम कुंभ में कथित फर्जी महामंडलेश्वर का भंडाफोड़ हुआ है.
इसकी जानकारी लगते ही कुंभ स्थल पर हंगामा मच गया. दूर-दूर से आए साधु-संतों ने इसका विरोध करते हुए टेंट को उखाड़ कर फेंक दिया.
महामंडलेश्वर लिखे पोस्टर को फाड़ कर फेंक दिया. इसके बाद से तथाकथित महामंडलेश्वर फरार है.
राजिम कुंभ में साधु-संतों और महामंडलेश्वरों के संत समागम स्थल पर विशाल डोम, स्विस कॉटेज और कुटिया का निर्माण किया गया है.
उसी स्थान पर खुद को महामंडलेश्वर बताते हुए भिलाई के एक पुजारी ने अलग से टेंट लगा रखा था.
टेंट पर एक पोस्टर लगा रखा था. पोस्टर में खुद का फोटो छपा कर महामंडलेश्वर लिखा रखा था.
इसे देखकर राजिम कुंभ पहुंचे साधु-संतों को शक हुआ. सोमवार को अखिल भारतीय संत समिति की बैठक हुई.
बैठक में अखाड़ा परिषद संत महासभा, ब्राह्मण अंतरराष्ट्रीय संगठन समेत मुख्य अखाड़ा परिषद ने महामंडलेश्वर के नाम पर लगे टेंट का विरोध किया.
उसके बाद कथित महामंडलेश्वर को बुलाकर पूछताछ की गई. जिसमें उसका भंडाफोड़ हो गया.
संत महासभा के प्रदेश अध्यक्ष स्वामी राजेश्वरानंद ने बताया कि भिलाई के अरुण मिश्रा अपने आपको सूर्यवंशी अखाड़ा का महामंडलेश्वर बता रहे थे.
खुद का संबंध निर्मोही अखाड़ा से होना बता रहे थे.
जब निर्मोही अखाड़ा के छत्तीसगढ़ प्रमुख से बात की गई, तो उन्होंने इस नाम के व्यक्ति के बारे में कोई भी जानकारी होने से इंकार कर दिया.
स्वामी राजेश्वरानंद का कहना है वह सूर्यवंशी अखाड़ा का सदस्य बताकर फर्जी तरीके से टेंट में रह रहा था.
उसका पर्दाफाश होने के बाद अखाड़ा परिषद के सभी संतों ने सबसे पहले उसकी गाड़ी से उसका नाम हटवाया.
इसके बाद बैनर-पोस्टर फाड़ दिया. इसके बाद फर्जी महामंडलेश्वर कुंभ से भाग गया.
बताया गया कि इस कार्रवाई के दौरान प्रमुख रुप से स्वामी परमात्मा नंद महाराज, राजीव लोचन, डॉ. स्वामी राजेश्वरानंद, राष्ट्रीय महामंत्री नरेन्द्र दास, महामंडलेश्वर सर्वेश्वर दास, महंत राधे श्याम, आचार्य रविन्द्र शास्त्री, भागवताचार्य रुपेश, साध्वी सौम्या, आजीवन निराहार संत गौतमा एवं मेले के अधिकारी मौजूद थे.
इस घटना को लेकर अखिल भारतीय पंच रामानंदीय, निर्मोही अखाड़ा, दिगंबर अखाड़ा, निर्वाणी अखाड़ा, अग्नि अखाड़ा के संत महात्माओं ने विरोध किया है.
सभी ने शासन एवं प्रशासन से मांग की है कि कुंभ में अनाधिकृत व्यक्ति का प्रवेश निषेध करना चाहिए.
बताया गया कि फर्जी महामंडलेश्वर अरुण मिश्रा भिलाई के नेहरूनगर स्थित शेरोवाली मां मंदिर का पुजारी है.
वह अपने परिवार के साथ मंदिर के पीछे ही रहता है. पता चला है कि पहले वह प्रयागराज गया था.
पिछले दो-तीन दिन पहले ही वह राजिम कुंभ पहुंचा था. मूलतः वह ठाठापुर कबीरधाम जिले के रहने वाले हैं.