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AAP के 7 सांसदों का भाजपा में विलय, चेयरमैन ने दी मंजूरी

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27 अप्रै. 2026, 09:05 AM 2 मिनट में पढ़ें 2

राघव चड्ढा
राघव चड्ढा

नई दिल्ली । डेस्क: उच्च सदन की राजनीति में सोमवार को एक बड़ा भूचाल देखने को मिला जब राज्यसभा सभापति और उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने आम आदमी पार्टी (AAP) के 7 सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में विलय के प्रस्ताव को औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया. इस ऐतिहासिक फैसले के बाद राज्यसभा में समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं. अब ऊपरी सदन में भाजपा के सदस्यों की संख्या बढ़कर 113 हो गई है, जबकि आम आदमी पार्टी की ताकत घटकर केवल 3 सांसदों तक सिमट गई है.


इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम का नेतृत्व राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल जैसे प्रमुख नेताओं ने किया, जिन्होंने भाजपा अध्यक्ष नितिन नबिन से मुलाकात कर पार्टी में शामिल होने की प्रक्रिया पूरी की. 

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इस समूह में पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, विक्रमजीत सिंह साहनी और राजिंदर गुप्ता भी शामिल हैं. 


इन सांसदों ने पार्टी छोड़ने का कारण "दम घुटने" जैसा माहौल और पार्टी के मूल सिद्धांतों से भटकाव को बताया है. 


इन सात सांसदों का दावा है कि उन्होंने संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत आवश्यक दो-तिहाई बहुमत के आंकड़े को छू लिया है, जिससे दलबदल विरोधी कानून के तहत उनकी सदस्यता पर कोई आंच नहीं आएगी.


दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी ने इसे "संवैधानिक धोखाधड़ी" और "पंजाब के जनादेश के साथ विश्वासघात" करार दिया है. संजय सिंह के नेतृत्व में पार्टी ने राज्यसभा सभापति के समक्ष इन सभी सात सांसदों को अयोग्य घोषित करने की याचिका दायर की है. 


आप का तर्क है कि मूल राजनीतिक दल की सहमति के बिना केवल विधायी इकाई का विलय कानूनी रूप से मान्य नहीं है. 


इस बीच, पार्टी पंजाब में अपने विधायकों को टूटने से बचाने की कवायद में जुट गई है. 


मनीष सिसोदिया बुधवार को विधायकों के साथ बैठक करेंगे, खासकर उन विधायकों पर पैनी नजर रखी जा रही है जो राघव चड्ढा और संदीप पाठक के करीबी माने जाते हैं.  

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP