पूर्व सैनिकों को नौकरियों में कोटा 25%, भर्ती सिर्फ 1.9% क्यों- राहुल गांधी
नई दिल्ली । डेस्क: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को रक्षा संबंधी स्थायी समिति की बैठक के दौरान पूर्व सैनिकों के पुनर्वास और स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाल स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की.
भाजपा सांसद राधा मोहन सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में राहुल गांधी ने डेटा का हवाला देते हुए पूछा कि जब सरकारी नौकरियों में पूर्व सैनिकों के लिए 10% से 25% तक आरक्षण का प्रावधान है, तो वास्तव में केवल 1.9% कर्मियों को ही इन नौकरियों में क्यों शामिल किया गया है.
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हर साल लगभग 60,000 सैनिक सेवानिवृत्त होते हैं, लेकिन सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और अन्य सरकारी विभागों में उनका पुनर्वास सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है.
नौकरियों के अलावा, राहुल गांधी ने पूर्व सैनिकों को मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं के संकट को भी प्रमुखता से उठाया.
उन्होंने कहा कि सैन्य अस्पतालों में इलाज मिलने में कठिनाई के कारण जब पूर्व सैनिकों को निजी अस्पतालों में रेफर किया जाता है, तो वहां उन्हें भर्ती करने से मना कर दिया जाता है. इसका मुख्य कारण सरकार द्वारा निजी अस्पतालों के बकाये बिलों का भुगतान न करना है.
राहुल गांधी ने कैंसर और किडनी फेलियर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मिलने वाली ₹75,000 की वित्तीय सहायता को बेहद अपर्याप्त बताते हुए इसे बढ़ाने की मांग की.
समिति के अन्य सदस्यों ने भी इस बात पर सहमति जताई कि मौजूदा स्वास्थ्य नीतियां और वित्तीय सीमाएं गंभीर बीमारियों के खर्च को वहन करने के लिए काफी नहीं हैं.