पूर्व सैनिकों को कल्याणकारी सहायता में 100% बढ़ोतरी लागू
नई दिल्ली । डेस्क: केंद्र सरकार ने पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए एक बड़ा और राहत भरा फैसला किया है. रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की कि पूर्व सैनिकों एवं उनके निर्भर परिवारजनों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता में 100 प्रतिशत की बढ़ोतरी का निर्णय अब प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है. यह बढ़ी हुई सहायता केंद्रीय सैनिक बोर्ड (Central Soldiers Board) के माध्यम से संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत प्रदान की जाएगी.
रक्षा मंत्रालय की ओर से इस संबंध में शनिवार को सोशल मीडिया पर आधिकारिक जानकारी साझा की गई. मंत्रालय के अनुसार, यह निर्णय लंबे समय से विचाराधीन था और केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद अब इसे पूरी तरह लागू कर दिया गया है. सरकार का कहना है कि इस कदम से गैर-पेंशनधारी पूर्व सैनिकों, कम आय वाली विधवाओं और आश्रितों की सामाजिक सुरक्षा को और अधिक मजबूत किया जा सकेगा.
A 100% increase in financial assistance for Ex-Servicemen (ESM) and their dependents under schemes implemented by the Department of Ex-Servicemen Welfare through Kendriya Sainik Board reaffirms the Government’s commitment to honouring the service and sacrifice of the veterans. pic.twitter.com/Fo4pob7HyS
— Ministry of Defence, Government of India (@SpokespersonMoD) January 10, 2026
मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, पेन्यूरी ग्रांट (Penuary Grant) की राशि को दोगुना करते हुए अब 4,000 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 8,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है. यह आजीवन सहायता उन वृद्ध, आयविहीन या गैर-पेंशनधारी पूर्व सैनिकों और 65 वर्ष से अधिक आयु की उनकी विधवाओं को दी जाएगी, जिनकी कोई नियमित आय नहीं है. इस फैसले से निम्न और सीमांत आय वर्ग के परिवारों को विशेष सुरक्षा कवच मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
इसके साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ी राहत दी गई है. पूर्व सैनिकों के आश्रित बच्चों के लिए दी जाने वाली मासिक छात्रवृत्ति को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये कर दिया गया है. यह छात्रवृत्ति कक्षा एक से लेकर स्नातक स्तर तक अधिकतम दो बच्चों या दो आश्रितों के लिए मान्य होगी. इसके अलावा यदि कोई विधवा दो वर्षीय स्नातकोत्तर (पोस्ट ग्रेजुएशन) पाठ्यक्रम में अध्ययनरत हैं, तो उन्हें भी यह छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी, हालांकि यह सुविधा अधिकतम एक व्यक्ति तक सीमित रहेगी.
विवाह अनुदान के मोर्चे पर भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. अब तक 50,000 रुपये की विवाह सहायता राशि को बढ़ाकर 1,00,000 रुपये कर दिया गया है. यह अनुदान पूर्व सैनिकों की अधिकतम दो पुत्रियों के विवाह के लिए तथा विधवाओं के पुनर्विवाह के मामले में लागू होगा. हालांकि, स्पष्ट किया गया है कि यह बढ़ी हुई राशि केवल उन्हीं विवाहों के लिए दी जाएगी, जो इस आदेश के जारी होने के बाद संपन्न होंगे.
रक्षा मंत्रालय का मानना है कि इस निर्णय से उन परिवारों को विशेष राहत मिलेगी, जो लंबे समय से सीमित संसाधनों के साथ जीवन यापन कर रहे हैं. सरकार ने इसे सशस्त्र बलों के उन पूर्व जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता के रूप में बताया है, जिन्होंने देश की सेवा में अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष समर्पित किए.
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश की सुरक्षा जिन हाथों में रही है, उनके परिवारों की चिंता करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि सरकार पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और यदि भविष्य में इन योजनाओं में और सुधार या वृद्धि की आवश्यकता महसूस होती है, तो उस पर भी गंभीरता से विचार किया जाएगा.
सरकार के इस फैसले को पूर्व सैनिक संगठनों और सामाजिक क्षेत्रों में सकारात्मक रूप से देखा जा रहा है. माना जा रहा है कि इससे न केवल आर्थिक सहायता बढ़ेगी, बल्कि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को सम्मानजनक जीवन जीने में भी मदद मिलेगी.