US ने स्पष्ट किया: H-1B वीजा पर 100K $ का शुल्क केवल नए आवेदकों पर लागू
नई दिल्ली । डेस्क: अमेरिका ने H-1B वीजा के लिए घोषित 100,000 डॉलर के वार्षिक शुल्क को लेकर स्थिति स्पष्ट की है. शनिवार देर रात कई अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि यह शुल्क केवल नई याचिकाओं पर लागू होगा, न कि मौजूदा वीजा धारकों या नवीनीकरण पर.
इस घोषणा से भारतीय पेशेवरों की चिंताएं कम हो सकती हैं. पहले, सॉफ्टवेयर उद्योग निकाय नैसकॉम और भारतीय सरकार ने इस शुल्क के लिए एक दिन की समय सीमा को लेकर चिंता जताई थी, जिसके कारण कई कंपनियों ने अपने H-1B कर्मचारियों को तत्काल अमेरिका लौटने या देश छोड़ने से मना किया था.
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने Axios को बताया कि यह शुल्क रविवार से प्रभावी होगा, लेकिन यह अमेरिका में दोबारा प्रवेश करने वाले मौजूदा वीजा धारकों पर लागू नहीं होगा. यह शुल्क केवल नए आवेदकों पर लागू होगा और आगामी लॉटरी चक्र में पहली बार लागू किया जाएगा.
एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा, “जो लोग देश छोड़ रहे हैं या भारत की यात्रा कर रहे हैं, उन्हें रविवार से पहले वापस आने या 100,000 डॉलर का शुल्क देने की आवश्यकता नहीं है. यह शुल्क केवल नए आवेदकों पर लागू है, न कि मौजूदा धारकों पर.”
इस शुल्क की घोषणा के जवाब में, नई दिल्ली ने इस कदम के प्रभाव को लेकर चिंता व्यक्त की थी, क्योंकि H-1B वीजा में लगभग तीन-चौथाई भारतीयों को मिलते हैं.
विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी थी कि इससे परिवारों पर असर पड़ सकता है और भारतीय तकनीकी पेशेवरों तथा रेमिटेंस पर प्रभाव पड़ सकता है. मंत्रालय ने अगले 24 घंटों में अमेरिका की यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए सभी मिशनों और पोस्ट्स को निर्देश दिए हैं.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, “सरकार ने H-1B वीजा कार्यक्रम पर प्रस्तावित प्रतिबंधों से संबंधित रिपोर्ट देखी हैं. इस उपाय के पूर्ण प्रभाव का सभी संबंधित पक्षों, विशेष रूप से भारतीय उद्योग द्वारा अध्ययन किया जा रहा है, जिसने H-1B कार्यक्रम से संबंधित कुछ धारणाओं को स्पष्ट करने वाला प्रारंभिक विश्लेषण पहले ही जारी किया है.” (फोटो- प्रतीकात्मक)