SIR: पश्चिम बंगाल से ज्यादा गुजरात में वोटरों के नाम कटे
नई दिल्ली । डेस्क: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद गुजरात और पश्चिम बंगाल की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं, जिसके बाद दोनों राज्यों में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है. चुनाव आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, गुजरात में मतदाता सूची से 73.7 लाख नाम (कुल मतदाताओं का 14.5 प्रतिशत) हटाए गए हैं, जबकि पश्चिम बंगाल में यह संख्या 58 लाख (कुल मतदाताओं का 7.5 प्रतिशत) रही है.
गुजरात में पहले मतदाताओं की संख्या 5.08 करोड़ थी जो अब घटकर 4.34 करोड़ रह गई है, वहीं बंगाल में 7.66 करोड़ मतदाताओं में से अब 7.08 करोड़ ही सूची में शेष हैं.
इन आंकड़ों को लेकर गुजरात कांग्रेस के अध्यक्ष अमित चावड़ा ने आरोप लगाया है कि इतनी बड़ी संख्या में नामों का हटाया जाना यह साबित करता है कि भाजपा पिछले कई वर्षों से 'फर्जी' वोटों के दम पर चुनाव जीतती आ रही है.
दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा है कि जो पार्टी बंगाल में 'घुसपैठियों' का शोर मचा रही थी, उसे अब गुजरात के आंकड़ों पर जवाब देना चाहिए.
टीएमसी प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने दावा किया कि बंगाल में हटाए गए नामों में ज्यादातर हिंदू शरणार्थी और अन्य राज्यों से आए लोग हैं.
इस बीच, बंगाल भाजपा के नेताओं का कहना है कि यह तो अभी केवल शुरुआत है और अंतिम सूची आने तक बड़ी संख्या में 'फर्जी' और 'अवैध' मतदाताओं के नाम बाहर किए जाएंगे.
इस पूरी प्रक्रिया के दौरान गुजरात में काम के भारी दबाव के चलते चार बीएलओ की मौत और एक की आत्महत्या की खबरों ने भी इस अभियान की पारदर्शिता और प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं.