दशहरा पर राजा भैया का 'हथियारों का महासंग्राम'
प्रतापगढ़ । डेस्क: कल्पना कीजिए एक शाही हवेली का आंगन, जहां दशहरा की धूम में 200 से ज्यादा देशी-विदेशी हथियारों का भव्य प्रदर्शन हो रहा हो. बंदूकों की चमक, तलवारों की धार, और बीच में कुंडा के बाहुबली विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया, शांत भाव से पूजा-अर्चना में लीन. यह दृश्य गुरुवार को बेंटी की शाही रेसिडेंस में उतरा, लेकिन यह सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि एक राजनीतिक बम साबित हो गया!
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, लाखों व्यूज बटोरते हुए, जहां एक तरफ आश्चर्य है तो दूसरी तरफ सवालों की बौछार – "इतने हथियारों का लाइसेंस किसने दिया?" और "यूपी पुलिस के पास भी इतना स्टॉक नहीं!"
जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के अध्यक्ष और कुंडा विधायक राजा भैया की यह शस्त्र पूजा दशहरा के पारंपरिक उत्सव का हिस्सा थी, लेकिन टाइमिंग ने इसे विवादास्पद बना दिया. ठीक उनके पत्नी भानवी सिंह के गंभीर आरोपों के बीच, जिन्होंने हाल ही में प्रधानमंत्री कार्यालय को चिट्ठी लिखकर दावा किया कि राजा भैया के पास "अवैध विदेशी हथियारों का विशाल जखीरा" है, जिसमें कुछ तो "सामूहिक विनाश" करने में सक्षम हैं. भानवी ने गृह मंत्री को शिकायत में अपनी जान को खतरा बताते हुए कहा, "राजा भैया के पास अवैध विदेशी हथियारों का भंडार है." पीएमओ ने मामला गृह मंत्रालय को भेज दिया है, और जांच की तलवार लटक रही है.
राजा भैया ने इस पर सीधा पलटवार किया. पूजा के बाद उन्होंने सार्वजनिक बयान में कहा, "जांच हो तो सही, मुझे छिपाने को कुछ नहीं!" यह बयान सोशल मीडिया पर तूफान ला दिया, जहां समर्थक इसे "परंपरा की जीत" बता रहे हैं, तो आलोचक कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रहे.
एक यूजर ने लिखा, "राजा भैया हजारों हथियार पूज रहे हैं – यूपी पुलिस के पास भी इतना नहीं! कोई जांच क्यों नहीं?"
जबकि एक अन्य ने तंज कसा, "सोचिए अगर ये हथियार किसी मुस्लिम या दलित के पास होते तो? मोदी के भारत में ऊपरी जाति का 'स्ट्रॉन्गमैन' तो चलेगा!"
यह विवाद नया नहीं. राजा भैया का आपराधिक इतिहास लंबा है. 2002 में मायावती सरकार में POTA के तहत गिरफ्तारी, भाजपा विधायक अपहरण के आरोप; 2013 के DSP जिया-उल-हक हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट द्वारा CBI जांच का आदेश.
मार्च में भानवी की शिकायत पर दिल्ली के सफदरजंग एन्क्लेव थाने में घरेलू हिंसा का FIR दर्ज हुआ, जहां उन्होंने वर्षों के शारीरिक-मानसिक शोषण और सास समेत ससुराल वालों के दुर्व्यवहार का आरोप लगाया. दंपति लंबे समय से अलग रह रहे हैं, और भानवी ने पहले विवाह बचाने की कोशिश की, लेकिन "उत्पीड़न जारी" रहने से कानूनी रास्ता अपनाया.
सोशल मीडिया पर हंगामा मचा है. #RajaBhaiyaShastraPuja ट्रेंड कर रहा, जहां एक पोस्ट में कहा गया, "यह राजनीतिक थिएटर है – हथियार पूजा बनाम आरोपों का तूफान!" आलोचक योगी सरकार पर निशाना साध रहे: "इतने हथियारों की नुमाइश से CM का मजाक उड़ा!"
वहीं, समर्थक इसे "विजयादशमी की शक्ति पूजा" बता रहे. वीडियो में हथियारों की चमक इतनी कि लगता हो, जैसे कोई बॉलीवुड फिल्म का सीन – लेकिन असलियत में यह एक 'बाहुबली' की कहानी है, जहां परंपरा, सत्ता और संदेह आपस में उलझे हैं.