गाज़ा में लाउडस्पीकर से सुनाई गई नेतन्याहू की ‘मन की बात’
नई दिल्ली । डेस्क: संयुक्त राष्ट्र की 80वीं आमसभा में इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को फिलिस्तीनी संगठन हमास के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रखने की घोषणा की. उन्होंने कहा, “हमें यह काम खत्म करना ही होगा.” नेतन्याहू के इस बयान का विरोध करते हुए कई देशों के प्रतिनिधि बैठक बीच में ही छोड़कर चले गए.
लेकिन गाज़ा पट्टी में मौजूद फिलिस्तीनी नागरिकों को इस भाषण से बचने का अवसर नहीं मिला. इज़रायली सेना ने शरणार्थी शिविरों और कब्जे वाले इलाकों को घेरकर लाउडस्पीकर लगाए और नेतन्याहू का संबोधन वहां ज़बरन सुनाया गया.
इसमें उन्होंने स्वतंत्र फिलिस्तीन को मान्यता देने वाले देशों की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे निर्णय आतंकवाद को बढ़ावा देंगे.
इसी बीच इज़रायली सेना ने वेस्ट बैंक से जॉर्डन को जोड़ने वाले एलनबी ब्रिज बॉर्डर क्रॉसिंग को शुक्रवार से बंद कर दिया. यह फिलिस्तीनियों के लिए विदेश जाने का लगभग एकमात्र मार्ग था.
हाल ही में नेतन्याहू सरकार ने वेस्ट बैंक में यहूदी बस्तियों के विस्तार को भी मंज़ूरी दी है. आशंका जताई जा रही है कि अब इस घिरे इलाके में नए निर्माण कार्य शुरू हो सकते हैं.
गौरतलब है कि वेस्ट बैंक का नियंत्रण ‘फिलिस्तीन लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन’ (पीएलओ) के नेतृत्व में गठित स्वशासित प्राधिकरण के हाथ में है. जबकि गाज़ा 2007 से हमास के कब्जे में है.
फरवरी 2025 में भी इज़रायली सेना ने वेस्ट बैंक में जमीनी अभियान चलाकर 22 इलाकों पर कब्ज़ा किया था, जहां यहूदी बस्तियां बसाने की योजना है.