छत्तीसगढ़ पुलिस ने साइबर फ्रॉड में महाराष्ट्र से 8 आरोपी पकड़े
राजनांदगाँव । संवाददाता: छत्तीसगढ़ पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए महाराष्ट्र से संचालित हो रहे एक अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश किया है. पुलिस का दावा है कि यह अब तक के सबसे बड़े ऑपरेशनों में से एक है, जिसमें रैकेट के किंगपिन सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
पुलिस ने आरोपियों के कब्ज़े से पाँच लैपटॉप, 14 स्मार्टफोन, 51 पासबुक, 51 डेबिट कार्ड, 15 चेकबुक और 25 सिम कार्ड जब्त किए हैं. गिरफ्तार आरोपी महाराष्ट्र और बिहार के निवासी हैं, जिनकी पहचान गौतम पंजाबी, पवन सुरुसे, विनायक मोरे, अमित मोरे, रामचंद्र चौके, अमोल दिवानाने, अभिषेक डंबडे और मनोज मुखिया के रूप में हुई है. इन सभी को ट्रांजिट रिमांड पर खैरागढ़ लाया गया है.
खैरागढ़ में एक शिकायत से शुरू हुई जाँच
इस रैकेट का खुलासा खैरागढ़ म्यूजिक यूनिवर्सिटी की छात्रा वसुधा सिन्हा की शिकायत के बाद हुआ. उन्होंने 22 अगस्त को एक नकली चिकनकारी साड़ी शॉपिंग साइट से साड़ी ऑर्डर की थी और उनके साथ ₹64,100 की ऑनलाइन धोखाधड़ी हुई थी. पुलिस ने मामला दर्ज कर साइबर सेल टीम की मदद से सोशल मीडिया और बैंक खातों का तकनीकी ऑडिट किया, जिससे इस फ्रॉड नेटवर्क का पता चला.
जाँच में पता चला कि फ्रॉड में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, आईपी एड्रेस और बैंक खाते मुंबई के डोम्बिवली से संचालित हो रहे थे. इससे मुंबई से चल रहे एक संगठित साइबर गिरोह का पर्दाफाश हुआ.
ऑनलाइन गेमिंग और ₹50 करोड़ का फ्रॉड
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह सिर्फ ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड ही नहीं कर रहा था, बल्कि '100 बुक' नामक एक ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी ऐप के माध्यम से भी लाखों लोगों को ठग रहा था.
राजनांदगाँव रेंज के आईजी अभिषेक शांडिल्य ने बताया, "आरोपियों ने ऑनलाइन खरीदारों को निशाना बनाया. खैरागढ़ पुलिस ने एक छात्रा की शिकायत पर कार्रवाई शुरू की. जाँच में आरोपियों का पता मुंबई में चला, जिसके बाद हमारी टीम मुंबई गई और फ्रॉड में शामिल आठ लोगों को गिरफ्तार किया."
डोम्बिवली में सात दिन की कड़ी मेहनत
पुलिस टीम ने डोम्बिवली में लगातार सात दिनों तक डेरा डाला, रेकी की और डिलीवरी बॉय बनकर आरोपियों के ठिकाने तक पहुँची. इसके बाद, डोम्बिवली के एक आवासीय क्षेत्र में एक साथ छापेमारी कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया.
आरोपियों से जब्त डिजिटल सबूतों की बारीकी से जाँच में पता चला है कि उन्होंने 100 से अधिक नकली सिम कार्डों और बैंक खातों का उपयोग करके ₹50 करोड़ (लगभग $500 मिलियन) से अधिक के लेन-देन किए हैं.
खैरागढ़ के पुलिस अधीक्षक लक्ष्य शर्मा ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) 1999 और बॉम्बे जुआ रोकथाम अधिनियम, 1887 के तहत मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने कहा कि "धोखेबाज मुंबई के डोम्बिवली और कल्याण से अपना नेटवर्क पूरे देश में फैला रहे थे." अब आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर कोर्ट में पेश किया जाएगा.