बस्तर: 2 साल से दंडवत यात्रा पर निकले उपेंद्र दास पहुंचे छत्तीसगढ़
रायपुर । डेस्क: भारत में भक्त अपनी आस्था और इच्छाओं की पूर्ति के लिए विविध अनुष्ठान करते हैं. बिहार के बांका जिले के निवासी उपेंद्र दास एक अनूठी आध्यात्मिक यात्रा, 'दंडवत यात्रा' पर निकले हैं. उन्होंने अपनी यह यात्रा गंगोत्री धाम से शुरू की और बार-बार जमीन पर लेटकर (दंडवत प्रणाम) हजारों किलोमीटर की दूरी तय कर रहे हैं.
उनका अंतिम लक्ष्य रामेश्वरम पहुंचना है. उपेंद्र दास ने बताया कि उनकी यह यात्रा 6 जून, 2023 को शुरू हुई थी और पिछले ढाई साल से जारी है.
उपेंद्र दास ने इस यात्रा को देश में शांति और सुख की कामना के लिए समर्पित किया है. वे रोजाना सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक यात्रा करते हैं और शेष समय आराम करते हैं. उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता कि यह यात्रा कब समाप्त होगी. यदि बीमारी या खराब मौसम आड़े आता है, तो मुझे रुकना पड़ सकता है."
जब उपेंद्र दास छत्तीसगढ़ पहुंचे, तो स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया और उनकी दृढ़ता की प्रशंसा की. दास अब बस्तर के सुकमा के रास्ते आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की ओर बढ़ेंगे. उन्होंने बताया कि उनकी यात्रा उत्तराखंड के गंगोत्री धाम से शुरू हुई थी और वे इसे तमिलनाडु के रामेश्वरम तक ले जाना चाहते हैं.
उनका अंतिम लक्ष्य रामेश्वरम में 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक शिवलिंग के दर्शन के साथ यात्रा समाप्त करना है. उपेंद्र दास ने कहा, "यह कोई साधारण यात्रा नहीं है. भगवान मेरी यात्रा के लिए एक माध्यम मात्र हैं." जहां भी वे गुजरते हैं, लोग उनकी दृढ़ता को सम्मान देने और स्वागत करने के लिए इकट्ठा होते हैं.