अमित शाह, पुष्कर सिंह धामी, रमन सिंह ने ZohoMail अपनाया
नई दिल्ली । डेस्क: केंद्र सरकार की 'स्वदेशी' पहल के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को घोषणा की कि उन्होंने गूगल के जीमेल के विकल्प के रूप में भारत के स्वदेशी प्लेटफॉर्म जोहो मेल पर स्विच कर लिया है. कई अन्य बीजेपी नेता, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह (छत्तीसगढ़) और एन. बीरेन सिंह (मणिपुर) भी शामिल हैं, ने भी इस कदम का अनुसरण किया है.
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, "मैंने जोहो मेल पर स्विच कर लिया है. कृपया मेरे ईमेल पते में बदलाव को नोट करें. मेरा नया ईमेल पता amitshah.bjp@zohomail.in है. भविष्य की सभी पत्राचार के लिए कृपया इस पते का उपयोग करें."
अपनी पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा, "इस मामले पर आपके सौजन्यपूर्ण ध्यान के लिए धन्यवाद", जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ट्रुथ सोशल पोस्ट्स में अक्सर इस्तेमाल होने वाली शैली से मिलता-जुलता है.
इस पर जोहो मेल ने जवाब देते हुए कहा, "श्री @AmitShah को जोहो मेल समुदाय में शामिल होते देखना सम्मान की बात है. आपका विश्वास हमें प्रेरित करता है कि हम भारत से विश्व स्तर के सुरक्षित उत्पाद बनाते रहें."
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी जोहो मेल पर स्विच करने वाले प्रमुख व्यक्तियों में शामिल हैं. धामी ने कहा, "मैं सभी को सूचित करना चाहता हूं कि मैंने हाल ही में अपनी ईमेल संचार के लिए जोहो मेल पर स्विच कर लिया है. कृपया अपने रिकॉर्ड अपडेट करें और भविष्य के सभी पत्राचार के लिए मेरे नए ईमेल पते pushkarsinghdhami@zohomail.in का उपयोग करें." दिलचस्प बात यह है कि धामी ने भी अपनी पोस्ट का अंत "इस अपडेट पर आपके सहयोग और ध्यान के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद" से किया.
22 सितंबर को केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की थी कि वे दस्तावेजों, स्प्रेडशीट्स और प्रेजेंटेशन्स के लिए जोहो पर जा रहे हैं और देशवासियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'स्वदेशी' आह्वान में शामिल होने का आग्रह किया था.
इस साल की शुरुआत में इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (मेइटी) ने आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत स्वदेशी वेब ब्राउजर विकसित करने के लिए एक प्रतियोगिता शुरू की थी. इस 'वेब ब्राउजर डेवलपमेंट चैलेंज' में जोहो विजेता के रूप में उभरा, जबकि टीम पिंग और टीम अजना क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहीं. जोहो कॉर्पोरेशन का अरट्टाई व्हाट्सएप का सुरक्षित और स्वदेशी विकल्प के रूप में खुद को स्थापित कर चुका है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ के जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को आत्मनिर्भर बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया था और सरकार की 'स्वदेशी' पहल को नया आयाम दिया था. मोदी ने देशवासियों से 'मेड इन इंडिया' उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की थी. 'आत्मनिर्भरता' 2025 के स्वतंत्रता दिवस भाषण का केंद्रीय विषय भी थी.
लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा था, "यदि कोई दूसरों पर अत्यधिक निर्भर हो जाता है, तो स्वतंत्रता का प्रश्न ही समाप्त हो जाता है... आत्मनिर्भर केवल आयात, निर्यात, रुपये, पाउंड या डॉलर तक सीमित नहीं है. इसका अर्थ बहुत व्यापक है. आत्मनिर्भर हमारी शक्ति से सीधे जुड़ा हुआ है."